हरियाणा के फरीदाबाद स्थित 39वीं सूरजकुंड मेले में शनिवार को भयानक हादसा हो गया। मेले में लगा सुनामी नामक झूला अचानक टूट गया जिसमें करीब 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मेले में अफरातफरी मच गई।

सूरजकुंड हादसे में इंस्पैक्टर ने गंवाई जान
Faridabad: सूरजकुंड मेले में शनिवार की शाम भयानक हादसा हो गया। मेले में सुनामी झूला टूटने से करीब 13 लोग घायल हो गए। जबकि पलवल पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी। गंभीर रूप से घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हादसे के बाद डीसी आयुष सिन्हा, टूरिज़्म विभाग के अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत घटना स्थल पर पहुँचे और राहत तथा बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। मेले का ग्राउंड खाली कराया गया, घायलों को अस्पतालों में पहुंचाया गया तथा इलाके को सुरक्षित करने के लिए बाड़बंदी की गई।
मृतक निरीक्षक जगदीश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले थे और पलवल पुलिस लाइन में तैनात थे। वह करीब दो साल बाद रिटायरमैंट होने वाले थे। वे झूला क्षेत्र के इंचार्ज थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब झूला गिरने लगा तो उन्होंने लोगों को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान झूले का एक हिस्सा उनके चेहरे और सिर पर आकर लगा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया
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जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब सवा छह बजे हुआ। झूला ग्राउंड में स्थित सुनामी झूले पर करीब 15 लोग सवार थे। फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा था तभी झूले का दूसरा हिस्सा भी टूटकर जमीन पर गिर पड़ा। इसमें करीब 13 लोग घायल हो गए। सभी को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने निरीक्षक जगदीश को मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को उनकी ड्यूटी सूरजकुंड मेले में लगी थी। जैसे ही उन्हें झूला टूटने की सूचना मिली वे तुरंत मौके पर पहुंचे और लोगों को बचाने में जुट गए। इसी दौरान झूले का दूसरा हिस्सा टूटकर उनके सिर पर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि हादसे में करीब 13 लोग घायल हुए हैं और एक निरीक्षक की मौत हुई है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
यह हादसा मनोरंजन सवारियों की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठाता है। मेले में पहले भी एक गेट गिरने से दो लोग घायल हुए थे। प्रशासन ने मेले के मनोरंजन क्षेत्र को खाली कराया और जांच शुरू कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी राइड्स के लिए नियमित निरीक्षण, प्रमाणन और आपातकालीन प्रोटोकॉल सख्ती से लागू होने चाहिए।
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का बलिदान पुलिस की बहादुरी का प्रतीक है। उनकी मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।