SC का बड़ा फैसला: चुनाव आयोग की नियुक्ति पर कोई रोक नहीं, TMC को झटका

सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। मतगणना से पहले आया यह निर्णय कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर कोर्ट ने क्यों चुनाव आयोग के पक्ष में रुख अपनाया और TMC की दलीलों का क्या हुआ?

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 2 May 2026, 11:30 AM IST

New Delhi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) द्वारा मतगणना में केंद्र सरकार और पीएसयू कर्मचारियों की तैनाती के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट ने किसी भी तरह का नया आदेश देने से साफ इनकार कर दिया।

कोर्ट ने क्यों नहीं दिया नया आदेश?

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी 13 अप्रैल के सर्कुलर को लागू किया जाएगा। अदालत ने कहा कि जब आयोग ने आश्वासन दिया है कि वही नियम लागू रहेंगे, तो अलग से कोई नया निर्देश देने की जरूरत नहीं है।

नियुक्ति का अधिकार चुनाव आयोग के पास

कोर्ट ने यह भी दोहराया कि मतगणना प्रक्रिया के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति का पूरा अधिकार चुनाव आयोग के पास है। जस्टिस ने कहा कि नियमों के तहत यह विकल्प खुला है कि काउंटिंग सुपरवाइजर और असिस्टेंट केंद्र या राज्य, दोनों सरकारों के कर्मचारी हो सकते हैं।

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TMC की आपत्ति क्या थी?

TMC का कहना था कि आयोग ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें अधिकतर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ही तैनात किया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सर्कुलर में राज्य सरकार के कर्मचारियों को पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है, लेकिन व्यवहार में उन्हें कम मौका दिया जा रहा है।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पष्ट कहा कि अगर नियमों में दोनों विकल्प खुले हैं तो आयोग का यह निर्णय गलत नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग चाहे तो पूरी तरह केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी नियुक्त कर सकता है, इसमें कोई कानूनी बाधा नहीं है।

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इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में और गर्मी आ गई है। मतगणना से पहले आया यह निर्णय चुनावी रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है। सभी दल अब आयोग की भूमिका और निष्पक्षता पर नजर बनाए हुए हैं।

क्या है पूरा विवाद?

पूरा मामला मतगणना के दौरान कर्मचारियों की तैनाती से जुड़ा है। आयोग ने निर्देश दिया था कि मुख्य रूप से केंद्रीय कर्मचारियों को पर्यवेक्षक बनाया जाए, जिस पर TMC ने आपत्ति जताई थी। मामला अदालत तक पहुंचा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के पक्ष में रुख बनाए रखा।

Location :  New Delhi

Published :  2 May 2026, 11:30 AM IST