कैश कांड: ‘सस्ती पब्लिसिटी वाली याचिका’, जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े ‘जले नोट’ केस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड के मामले को लेकर दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त टिप्पणी की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 August 2026, 6:17 PM IST

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिकाएं न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग हैं।

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने गौर किया कि ऐसी ही एक याचिका पहले भी खारिज की जा चुकी है। कोर्ट ने आगे कहा कि बार-बार ऐसी याचिकाएं दाखिल करना सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश लगती है।

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याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यशवंत वर्मा के इस्तीफे से कैश से जुड़े कथित मामले में आपराधिक कार्यवाही खत्म नहीं होनी चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

क्या है पूरा मामला?

यशवंत वर्मा ने अप्रैल 2026 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले, उनके सरकारी आवास पर आग लगने के बाद भारी मात्रा में जला हुआ कैश मिलने पर उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू की गई थी। उनके इस्तीफे के बाद संसद में चल रही महाभियोग की कार्यवाही खत्म हो गई।

भूपेश बघेल को भी सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दायर चुनाव याचिका को शुरुआती चरण में ही खारिज करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुनवाई हाई कोर्ट के चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने जारी रहेगी।

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बचाव में सभी कानूनी तर्क पेश करने की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भूपेश बघेल को चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने अपने सभी कानूनी तर्क पेश करने का पूरा अधिकार होगा। कोर्ट ने इस चरण में हाई कोर्ट की कार्यवाही में दखल देने से इनकार कर दिया।

क्या आरोप हैं?

भूपेश बघेल पर 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान प्रचार का समय खत्म होने के बाद एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने और रोड शो या रैली करने का आरोप है। इस संबंध में चुनाव नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक चुनाव याचिका दायर की गई है। इस मामले में आगे की सुनवाई अब हाई कोर्ट के चुनाव ट्रिब्यूनल में होगी।

Location :  New Delhi

Published :  7 August 2026, 6:17 PM IST