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गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुंग की NSA हिरासत तत्काल रद्द की। यह कदम लद्दाख में शांति, स्थिरता और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय लद्दाख में सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुंग की NSA हिरासत तत्काल रद्द की (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि लद्दाख में सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुंग की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। यह कदम लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय लद्दाख में सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "सरकार लद्दाख में सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र से जुड़े मुद्दे रचनात्मक जुड़ाव और बातचीत के माध्यम से हल होंगे। इसके लिए उच्च-स्तरीय समिति की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य उपयुक्त मंच भी तैयार हैं।"
मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार शांति और विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और लद्दाख में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
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सोनम वांगचुंग को पिछली बार हिरासत में इसलिए लिया गया था क्योंकि उन्होंने लेह और आसपास के क्षेत्रों में हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। ये प्रदर्शन सितंबर महीने में शुरू हुए थे और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इसमें कुछ हिंसक घटनाएं भी हुई थीं।
सरकार ने उस समय कहा था कि हिरासत का उद्देश्य 'सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना' और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना था। वांगचुंग को राजस्थान की जोधपुर जेल में NSA के तहत रखा गया था।
जानकारों के अनुसार, सोनम वांगचुंग की हिरासत रद्द करना सरकार का लद्दाख में सामूहिक विश्वास बनाने और संवाद बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस फैसले के बाद स्थानीय समुदायों, प्रशासन और सक्रिय नागरिकों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को सुचारू बनाने की संभावना है।
मंत्री स्तर की उच्च-स्तरीय समिति और अन्य उपयुक्त मंचों के माध्यम से सरकार प्रयास कर रही है कि क्षेत्र में लंबे समय तक स्थिरता बनी रहे और किसी भी तरह के हिंसक विरोध को रोका जा सके।
वांगचुंग की हिरासत रद्द होने के बाद स्थानीय लोग और पर्यावरण एक्टिविस्ट इसे एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो उसने शांतिपूर्ण और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने के लिए जताई थी।