
भूख हड़ताल जारी रखेंगे सोनम वांगचुक (Img: AI Generated)
New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के एक नए बयान आंदोलन को नई दिशा में मोड़ दिया है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखीं। इन शर्तों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और कई पत्रकारों, शिक्षाविदों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
18 जुलाई को पुलिस दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने ड्रिप और मुंह से किसी भी तरह का तरल पदार्थ लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उनका अनशन जारी रहेगा और वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, सोमवार को किए गए उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने चर्चा का नया विषय खड़ा कर दिया।
Day #23
I'll continue my fast........... pic.twitter.com/rfohA8iMkx— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की हाल की नाकामियों, जैसे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, या राजनीतिक दल संसद में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने का भरोसा देते हैं, अथवा विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें इस संबंध में आश्वासन देते हैं, तो वे अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
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यहीं से विवाद शुरू हुआ, क्योंकि उनकी इन शर्तों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का कोई उल्लेख नहीं था।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) July 20, 2026
वांगचुक का आंदोलन शुरुआत से ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग पर केंद्रित रहा है। ऐसे में कई लोगों को यह बात हैरान कर रही है कि अब उनकी नई शर्तों में पहले की प्रमुख मांग नजर नहीं आ रही। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि क्या आंदोलन की दिशा बदल गई है या फिर रणनीति में कोई नया मोड़ आया है।
Location : New Delhi
Published : 20 July 2026, 8:54 PM IST