भारत में कहां है सांपों वाला गांव? जहां घरों में इंसानों के साथ रहते हैं कोबरा! रोंगटे खड़े कर देगी हकीकत

भारत में सांपों को लेकर लोगों के मन में हमेशा से जिज्ञासा और आस्था रही है। बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में एक ऐसा गांव भी है, जिसे ‘सांपों का गांव’ कहा जाता है। यहां घर के अंदर ही...

Updated : 1 June 2026, 5:39 PM IST

New Delhi: भारत में सांपों को लेकर लोगों के मन में हमेशा से जिज्ञासा और आस्था रही है। हिन्दू धर्म में नागों का विशेष महत्व माना जाता है। जब भी सांपों की बात होती है, तो अक्सर दक्षिण भारत के राज्यों का जिक्र सामने आता है। सोशल मीडिया पर भी सांपों से जुड़े कई वीडियो वायरल होते रहते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में एक ऐसा गांव भी है, जिसे ‘सांपों का गांव’ कहा जाता है।यह गांव न तमिलनाडु में है और न ही कर्नाटक में। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित शेतफाल गांव अपनी अनोखी परंपरा के कारण दुनियाभर में चर्चा में रहता है।

क्यों कहलाता है शेतफाल सांपों का गढ़?

शेतफाल गांव में सांपों, खासकर कोबरा, को डर की नजर से नहीं बल्कि सम्मान के साथ देखा जाता है। यहां के लोगों की जिंदगी में सांप पीढ़ियों से शामिल रहे हैं। गांव के बच्चे बचपन से ही सांपों के साथ रहना सीखते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां कई घरों में सांपों के लिए खास जगहें बनाई जाती हैं, ताकि वे आराम से रह सकें। स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक, घर में नागों की मौजूदगी शुभ मानी जाती है।

आस्था और परंपरा से जुड़ा है रिश्ता

शेतफाल की पहचान लंबे समय से नाग पूजा और धार्मिक विश्वासों से जुड़ी रही है। गांव के लोग कोबरा को पवित्र मानते हैं और उनके प्रति विशेष सम्मान रखते हैं। गांव वालों का मानना है कि इंसान और सांपों के बीच आपसी सम्मान का रिश्ता ही किसी बड़े नुकसान को रोकता है। इसी सोच और परंपरा ने धीरे-धीरे इस गांव को अलग पहचान दी और यहां सांपों की मौजूदगी भी बढ़ती चली गई।

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अब बन चुका है टूरिस्ट स्पॉट

अपनी अनोखी परंपरा की वजह से शेतफाल अब पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहां दूर-दूर से लोग इस अनोखे गांव को देखने पहुंचते हैं। हालांकि, स्थानीय लोग यात्रियों को कुछ जरूरी सलाह भी देते हैं-सांपों को छूने या पकड़ने की कोशिश न करें, गांव की परंपराओं का सम्मान करें और बिना अनुमति किसी निजी जगह में प्रवेश न करें। साथ ही वन्यजीवों को परेशान करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

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घूमने का सही समय और कैसे पहुंचें?

गर्मियों में इस इलाके में काफी गर्मी पड़ती है, इसलिए अक्टूबर से फरवरी के बीच यहां घूमना बेहतर माना जाता है। शेतफाल आने वाले पर्यटक आसपास के सिद्धेश्वर मंदिर, सोलापुर किला और प्राकृतिक इलाकों की सैर भी कर सकते हैं। अगर आप यहां जाना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन सोलापुर है, जहां से सड़क मार्ग के जरिए गांव पहुंचा जा सकता है। वहीं निकटतम एयरपोर्ट पुणे में स्थित है, जो यहां से करीब 200 किलोमीटर दूर है।

Location :  New Delhi

Published :  1 June 2026, 5:39 PM IST