दिल्ली में मार्च में ही ‘मई वाली गर्मी’ का अंत: जानें आखिर किस दुर्लभ वेदर सिस्टम ने कैसे गिराया 7°C तक पारा?

आखिर उत्तर भारत के आसमान में क्यों खिंची हजारों किलोमीटर लंबी ‘सीधी रेखा’? अफगानिस्तान से भारत तक फैले इस दुर्लभ पश्चिमी विक्षोभ ने वैज्ञानिकों को भी चौंकाया। जानें कैसे इस रहस्यमयी सिस्टम ने पलटा मौसम का मिजाज और क्या है 20 मार्च तक का अलर्ट।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 20 March 2026, 4:14 PM IST
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New Delhi:  उत्तर भारत के मौसम में इस समय एक बेहद असामान्य और चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी हुई है, क्योंकि क्षेत्र में एक नया और अत्यंत शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ ठंडे सर्दियों के महीनों के दौरान पश्चिमी दिशाओं से बारिश और बर्फबारी लेकर आते हैं, लेकिन वर्तमान में सक्रिय यह सिस्टम कई मायनों में विशेष है।

यह न केवल अपने साथ भारी बारिश का झोंका लेकर आया है, बल्कि इसके अनूठे आकार और मार्च की शुरुआती गर्मी से समय पर राहत देने की क्षमता ने मौसम वैज्ञानिकों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है।

दुर्लभ 'सीधी रेखा' वाला फॉर्मेशन और इसकी शक्ति

इस पश्चिमी विक्षोभ की सबसे बड़ी विशेषता इसका आकार है, जो सामान्य प्रणालियों से बिल्कुल अलग और स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसमें कम दबाव वाली एक सीधी रेखा, जिसे 'ट्रफ' कहा जाता है, शामिल है जो हजारों किलोमीटर के दायरे में एक बिल्कुल सीधे पथ में फैली हुई है। यह रेखा अफगानिस्तान से शुरू होकर पाकिस्तान से गुजरती है और भारत के सुदूर हिस्सों तक अपनी पहुँच बनाती है।

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इस तरह का सीधा निर्माण अत्यंत दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे सिस्टम घुमावदार आकार के होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधा ढांचा सिस्टम को और अधिक शक्तिशाली बनाता है, जिससे तीव्र आंधी-तूफान, भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज झोंकेदार हवाओं की स्थिति पैदा होती है, जैसा कि भारत के कई क्षेत्रों में वर्तमान में अनुभव किया जा रहा है।

गर्मी से समय पर मिली बड़ी राहत और तापमान में गिरावट

इस शक्तिशाली सिस्टम के सक्रिय होने से ठीक पहले उत्तर भारत के कई हिस्से मार्च के महीने में ही असामान्य रूप से उच्च तापमान का सामना कर रहे थे। दिल्ली जैसे बड़े शहरों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया था, जिससे ऐसा महसूस होने लगा था मानो मई की चिलचिलाती गर्मी समय से पहले ही आ गई हो।

इस गर्मी ने करोड़ों लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी, लेकिन इस पश्चिमी विक्षोभ के समय पर आगमन ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। इसके प्रभाव से हुई बारिश, गरज और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में 3 डिग्री से लेकर 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल और सुखद राहत मिली है।

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IMD का अलर्ट और आगामी दिनों का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और स्थिति को देखते हुए उत्तर-पश्चिम भारत के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 मार्च 2026 तक इस क्षेत्र में बिजली और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

हालांकि यह बारिश नमी की आपूर्ति और राहत के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन विभाग ने तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि को लेकर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले आधिकारिक अपडेट और परामर्श का कड़ाई से पालन करें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 20 March 2026, 4:14 PM IST

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