PM Kisan: 1 साल से नहीं मिली किस्त? घबराएं नहीं, एक छोटी सी भूल ठीक करते ही खाते में आएंगे एक साथ 6,000 रुपये

पीएम किसान योजना की किस्त पिछले एक साल से रुकी है? चिंता न करें, आपका पैसा सुरक्षित है! ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और एनपीसीआई लिंक सुधारते ही अगली किस्त के साथ पिछला पूरा पैसा एक साथ खाते में आ जाएगा। जानें किस्त अनलॉक करने का आसान तरीका।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 22 August 2026, 8:40 AM IST

New Delhi: देश भर के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' एक बड़ा आर्थिक संबल है। इसके तहत सालाना 6,000 रुपये की राशि 2-2 हजार की तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। हालांकि, कई किसान ऐसे भी हैं जिनकी पिछले एक साल (तीन किस्तों) से एक भी रुपया नहीं मिला है।

अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार के नियमों के मुताबिक, आपका पैसा डूबा नहीं है, बल्कि सिस्टम में सुरक्षा कारणों से लॉक हो गया है। जैसे ही आप जरूरी सुधार पूरे करेंगे, रुकी हुई सभी किस्तें एक साथ आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएंगी।

आखिर क्यों रुक जाता है किस्तों का भुगतान?

सरकार ने योजना में फर्जीवाड़े और गलत खातों में पैसे जाने से रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। किस्तें रुकने के मुख्य रूप से तीन कारण हैं:

1. ई-केवाईसी (e-KYC) का अधूरा होना: ऑनलाइन बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन न होना।
2. लैंड सीडिंग (Land Seeding) न होना: सरकारी डिजिटल रिकॉर्ड में आपकी जमीन का सत्यापन मैच न करना।
3. डीबीटी और एनपीसीआई (NPCI) लिंक न होना: बैंक खाते का आधार से लिंक न होना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एक्टिव न होना।

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घर बैठे ऐसे जांचें अपनी अटकाव की वजह

सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि आपकी किस्त किस वजह से रुकी है। इसके लिए पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाएं और 'Know Your Status' विकल्प पर क्लिक करें। वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्टेटस चेक करें। अगर ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग या एलिजिबिलिटी के आगे 'No' लिखा है, तो समझ जाएं कि सुधार की जरूरत कहां है।

रुका हुआ पैसा वापस पाने के आसान उपाय

1. ई-केवाईसी पूरी करें: पोर्टल पर आधार ओटीपी के जरिए खुद ई-केवाईसी करें या नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाएं।
2. जमीन का वेरिफिकेशन (लैंड सीडिंग): अगर स्टेटस में लैंड सीडिंग 'No' है, तो अपनी खतौनी (जमीन के कागजात) और आधार कार्ड की कॉपी लेकर ब्लॉक के कृषि कार्यालय या तहसील में पटवारी से मिलें।
3. बैंक में एनपीसीआई मैपिंग: अपनी बैंक शाखा जाकर खाते को आधार से लिंक कराएं और एनपीसीआई/डीबीटी मैपिंग का फॉर्म भरें।

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समस्या हल होते ही एक साथ आएगा पूरा पैसा

जैसे ही आपके दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट हो जाएंगे, सिस्टम आपके खाते को दोबारा एक्टिव कर देगा। इसके बाद सरकार जब भी अगली किस्त जारी करेगी, तब आपकी पिछली सभी रुकी हुई किस्तें (जैसे 6,000 रुपये) एक साथ आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाएंगी। किसी भी अन्य तकनीकी सहायता के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 155261 या 011-24300606 पर संपर्क कर सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  22 August 2026, 8:40 AM IST