मैनपुरी के किसानों ने डीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र, बोले- जमीन गई तो रोजी-रोटी पर हो जाएगा संकट खड़ा

मैनपुरी में औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। किशनी तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर जमीन अधिग्रहण रोकने और अपनी कृषि भूमि बचाने की मांग की है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 18 August 2026, 1:40 PM IST
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Mainpuri: मैनपुरी में औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किशनी तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि ही उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र सहारा है और जमीन छिनने के बाद उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

कई गांवों के किसानों ने जताया विरोध

मामला किशनी तहसील क्षेत्र का है, जहां ग्राम नगला पलटू, हविलिया चांदा, नगला धुरा, कटरा डबाह, समसपुर, धर्मपुर और रतनपुर रठेह सहित आसपास के गांवों के किसानों ने जिलाधिकारी मैनपुरी को प्रार्थना पत्र दिया है। किसानों ने औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

किसानों का कहना है कि खेती की जमीन उनके परिवारों की पीढ़ियों से चली आ रही आजीविका का आधार है। अगर यह जमीन अधिग्रहित कर ली गई तो उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं बचेगा और कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।

किसानों ने प्रशासन पर लगाया दबाव बनाने का आरोप

किसानों ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन की ओर से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि नहीं देना चाहते, क्योंकि यही जमीन उनके परिवारों के भविष्य का सहारा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी स्थिति को समझते हुए मामले में गंभीरता से विचार किया जाए और उनकी जमीन को अधिग्रहण से बचाने के लिए कदम उठाए जाएं।

आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी चिंता

किसानों ने प्रार्थना पत्र में गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि यदि उनकी जमीन जबरन अधिग्रहित की गई तो उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने ऐसी स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात भी कही है। हालांकि, यह किसानों की ओर से अपनी परेशानी और आशंका को व्यक्त करते हुए दी गई चेतावनी है।

अब प्रशासन के फैसले पर नजर

किसानों की ओर से 18 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा गया है। इसमें भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को रोकने और किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की गई है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है कि किसानों की चिंताओं को लेकर क्या समाधान निकाला जाता है।

Location :  Mainpuri

Published :  18 August 2026, 1:40 PM IST

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