Operation Firewall-2026: पाकिस्तान के हनीट्रैप रैकेट का पर्दाफाश, नौसेना के 13 जवान रडार पर, एक सिविलियन गिरफ्तार

पाकिस्तान से जुड़े हनीट्रैप और जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' के तहत 10 राज्यों में बड़ी कार्रवाई की गई है। नौसेना के 13 जवानों समेत 18 संदिग्ध रडार पर हैं, जिनमें से एक ड्राइवर और एक नाविक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Updated : 7 October 2026, 10:44 AM IST
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New Delhi: देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। आंध्र प्रदेश की काउंटर-इंटेलिजेंस (CI) विंग द्वारा देश के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक व्यापक काउंटर-इंटेलिजेंस ऑपरेशन 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' शुरू किया गया है। इस सनसनीखेज मामले में भारतीय नौसेना के 13 जवानों समेत कुल 18 लोग संदेह के घेरे में हैं।

रणनीतिक नौसैनिक ठिकानों और खुफिया जानकारियों को बनाया गया निशाना

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन संदिग्ध व्यक्तियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों (PIOs) के बीच कथित तौर पर चल रहे गुप्त संपर्कों पर केंद्रित है। आरोपी मुख्य रूप से एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहे थे। अधिकारियों की मुख्य जांच विशाखापट्टनम स्थित भारतीय नौसेना और देश के अन्य सामरिक रक्षा प्रतिष्ठानों की गोपनीय सूचनाओं के लीक होने के मामलों पर टिकी है। विशाखापट्टनम भारत के पूर्वी तट का एक बेहद अहम और रणनीतिक नौसैनिक केंद्र है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर रहती है।

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छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

देशभर में चलाए जा रहे इस संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान कई संदिग्धों के ठिकानों से महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में कम से कम दो प्रमुख आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं-

अन्नम साई वरप्रसाद (सिविलियन कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर): विशाखापट्टनम में नौसेना के साथ काम करने वाले इस ड्राइवर को काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट ने गिरफ्तार किया है। उस पर रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान से जुड़े एजेंटों तक पहुंचाने का गंभीर आरोप है। एजेंसियां इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या उसे इस देश-विरोधी कृत्य के बदले में भारी रकम दी गई थी। अदालत में पेशी के बाद उसे 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में विशाखापत्तनम जिला जेल भेज दिया गया है।

प्रदीप मुखर्जी (नेवी सेलर): कोयंबटूर से गिरफ्तार किए गए 31 वर्षीय प्रदीप मुखर्जी साल 2014 में भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और गिरफ्तारी के वक्त कोयंबटूर में एक विशेष ट्रेनिंग कोर्स कर रहे थे। आरोप है कि वह हनीट्रैप का शिकार होकर पाकिस्तानी एजेंटों के जाल में फंस गए और उन्हें समुद्री खुफिया जानकारियां लीक कीं। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु पुलिस के कई महीनों के संयुक्त अभियान के बाद उन्हें दबोचा गया। ट्रांजिट वारंट पर लाने के बाद उन्हें भी 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में विजयवाड़ा जिला जेल भेज दिया गया है।

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अन्य संदिग्धों की तलाश और आगे की जांच जारी

इस बड़े जासूसी रैकेट में शामिल बाकी 16 संदिग्धों की भूमिका की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। काउंटर-इंटेलिजेंस विंग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत 10 राज्यों में संयुक्त रूप से दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का फोकस इन संदिग्धों के डिजिटल कम्युनिकेशन्स, बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और विदेशी खुफिया तत्वों के साथ संभावित संपर्कों के हर एक पहलू को बेनकाब करने पर है, ताकि देश की सामरिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।

Location :  New Delhi

Published :  7 October 2026, 10:44 AM IST

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