केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट बहस के दौरान राहुल गांधी के ‘भारत बेचने’ वाले आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने UPA सरकार पर भारत की संप्रभुता बेचने और किसानों व गरीबों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण
New Delhi: लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘भारत बेचने’ वाले आरोपों पर करारा हमला किया। सीतारमण ने कहा कि भारत को बेचने वाले यूपीए की कांग्रेस ही थी, जिसने देश, गरीब और किसानों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ऐसा कभी नहीं करेंगे।
यूपीए पर आरोप, शर्म अल-शेख और बाली समझौते का हवाला
वित्त मंत्री ने संसद में शर्म अल-शेख जॉइंट स्टेटमेंट का उल्लेख करते हुए 2009 में यूपीए सरकार द्वारा पाकिस्तान के साथ की गई बातचीत पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय भारत की संप्रभुता और सुरक्षा कमजोर हुई थी। इसके अलावा 2013 में बाली में हुए WTO समझौते के तहत ट्रेंड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट (TFA) और पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग (फूड सिक्योरिटी) जैसी नीतियों में भी यूपीए ने देश और गरीबों के हितों की अनदेखी की।
इंडिया-US ट्रेड डील पर तंज
राहुल गांधी ने हाल ही में इंडिया-US ट्रेड डील को लेकर सरकार पर हमला बोला था और इसे “बेतुका” करार दिया था। सीतारमण ने इसे भी कांग्रेस की विफलता बताया और कहा कि इस डील में पहले एवरेज टैरिफ 3% था, जो अब 18% हो गया है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भारत-US समझौते से देश की स्थिति मजबूत हुई है और यह कांग्रेस की असफल नीतियों से अलग है।
मोदी सरकार और किसानों की सुरक्षा
निर्मला सीतारमण ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने हमेशा किसानों और गरीबों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे तथ्यों के बजाय राजनीतिक आरोप लगाने की बजाय वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दें।