
मुंबई-गुजरात में रिकॉर्डतोड़ बारिश (सोर्स- AI)
New Delhi: देश में मानसून के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां तटीय और पहाड़ी राज्य भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चपेट में हैं, वहीं उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बादलों की बेरुखी ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राजधानी दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में शनिवार दोपहर को हुई हल्की से मध्यम वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिल्लीवालों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
6 दिनों का अनुमान: मौसम वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव के अनुसार, दिल्ली में 10 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
हवा की रफ्तार: इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। रविवार से बारिश में और तेजी आने की उम्मीद है।
Weather Update: दिल्ली में उमस बरकरार, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
पश्चिमी और दक्षिणी तटीय राज्यों में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मायानगरी मुंबई, गुजरात और केरलम जैसे राज्यों में भारी और 'रिकॉर्डतोड़' बारिश दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
समुद्र तटीय राज्य ओडिशा और पश्चिम बंगाल को लेकर मौसम विभाग ने बेहद भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
जम्मू के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। बादलों के छाए रहने के कारण कटड़ा-सांझीछत चापर (हेलीकॉप्टर) सेवा लगातार प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में पांच और छह जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बाबा बर्फानी के दर्शन: खराब मौसम के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है। शनिवार को बालटाल और पहलगाम से 20,145 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। दो दिनों में अब तक 32,313 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जम्मू के [Aadhaar Redacted] शिविर से तड़के 259 वाहनों में 4,812 श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना हुआ है।
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में शनिवार को जोरदार वर्षा हुई। पिथौरागढ़ के धारचूला में रिकॉर्ड 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
राजमार्ग अवरुद्ध: चीन सीमा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख राजमार्ग पांच अलग-अलग स्थानों पर मलबा आने से बंद हो गया है, जिसके कारण आदि कैलास यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। रविवार के लिए नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है।
हिमाचल में शनिवार सुबह हल्का हिमपात हुआ और कई स्थानों पर तेज वर्षा दर्ज की गई। भूस्खलन और मलबे के कारण जिले की 25 सड़कें बंद हो गई हैं, जिन्हें बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग ने रविवार को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है।
जहां एक तरफ देश का आधा हिस्सा पानी-पानी है, वहीं दूसरी तरफ देश के एक बड़े हिस्से में मानसून की चाल बेहद सुस्त है। एक जून से चार जुलाई के बीच के आंकड़े डराने वाले हैं, जिससे खेती-किसानी पर बड़ा संकट मंडराने लगा है-
उत्तर प्रदेश: यूपी में सामान्य तौर पर 118 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन यह 43 प्रतिशत कम यानी महज 67 मिमी ही दर्ज की गई है। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं।
बिहार: बिहार में स्थिति और भी खराब है। यहां सामान्य वर्षा 207 मिमी की जगह अब तक सिर्फ 97.8 मिमी हुई है, जो सामान्य से 53 प्रतिशत कम है।
छत्तीसगढ़: मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में सामान्य से 40 प्रतिशत कम (136.4 मिमी) पानी गिरा है, जिससे धान की रोपाई के लिए किसानों का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
पंजाब और हरियाणा: इन दोनों कृषि प्रधान राज्यों में भी क्रमशः 27 और 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
Location : New Delhi
Published : 5 July 2026, 7:48 AM IST