SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं Mamata Banerjee, इनके खिलाफ की याचिका दायर

एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों में मची रार के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। ममता ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (SIR) प्रक्रिया को सवालिया घेरे में खड़ा किया गया है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 February 2026, 4:36 AM IST

कलकत्ता: तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के  खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ममता बनर्जी ने यह याचिका 28 जनवरी को दायर की थी। उन्होंने इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पार्टी बनाया है। इस मामले की सुनवाई अभी सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध नहीं हुई है।

सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेंगी ममता

ममता के सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात से ठीक एक दिन पहले इसका खुलासा हुआ है। मामले पर इसी सप्ताह सुनवाई की संभावना है। मालूम हो कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की खंडपीठ में आगामी बुधवार को बंगाल में एसआईआर से जुड़े मामलों पर सुनवाई होनी हैं।

जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी ने शनिवार शाम को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली और दृष्टिकोण पर आपत्ति जताई। पत्र में बनर्जी ने अपने पहले के पत्रों का हवाला देते हुए दोहराया कि इस प्रक्रिया से लोगों को भारी असुविधा और पीड़ा हुई है, जिसके परिणामस्वरूप इस दौरान लगभग 140 लोगों की मौत हुई है।

ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अपनाई जा रही कार्यप्रणाली और दृष्टिकोण के संबंध में, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के प्रावधानों से परे है, मुझे एक बार फिर आपको यह पत्र लिखने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

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बनर्जी ने बताया कि भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार, भारतीय निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में लगभग 8,100 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को पर्याप्त प्रशिक्षण या सिद्ध विशेषज्ञता के बिना एकतरफा रूप से नियुक्त किया जा रहा है, जबकि उन्होंने इसे एक विशेष, संवेदनशील और अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया बताया।

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एसआईआर का पुरजोर विरोधी है ममता

मालूम हो कि ममता शुरू से ही एसआईआर का पुरजोर विरोध कर रही हैं। वे इसके विरुद्ध कोलकाता में सड़क पर भी उतर चुकी हैं। ममता ने आरोप लगाया है कि मानवीय पहलुओं की उपेक्षा व नियम-कानूनों का उल्लंघन करके बंगाल के लोगों पर जबरन एसआईआर थोपा जा रहा है। ममता एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को छह बार पत्र भी लिख चुकी हैं।

 

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Published : 
  • 2 February 2026, 4:36 AM IST