राजनाथ और अमेरिकी रक्षा मंत्री की बैठक, सह-उत्पादन पर बनी सहमति

फिलीपींस में भारत और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक में 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क की समीक्षा की गई। इस दौरान दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, अत्याधुनिक सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान और हथियारों के संयुक्त उत्पादन (को-प्रोडक्शन) को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

Updated : 28 October 2026, 3:22 PM IST
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New Delhi: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। फिलीपींस की राजधानी मनीला में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने पिछले साल तैयार किए गए 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क और इसके तहत अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में आपसी सुरक्षा, रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान और हथियारों के सह-उत्पादन (को-प्रोडक्शन) जैसे तमाम अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

फिलीपींस में हुई अहम बैठक और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा

इससे पहले फिलीपींस के सेबू में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की यह बैठक आयोजित हुई थी। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयां देने, इंडो-पैसिफिक यानी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और क्षेत्र में उभर रही नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के उपायों पर मंथन किया गया। जानकारों के मुताबिक, इस समझौते और निरंतर हो रही बैठकों का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को अधिक ठोस और प्रभावी बनाना है।

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क्या है भारत-अमेरिका 10 साल का डिफेंस फ्रेमवर्क?

भारत और अमेरिका के बीच 'यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप' के तहत इस 10 वर्षीय सुरक्षा समझौते पर पिछले साल 31 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हस्ताक्षर किए थे। यह नया समझौता ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले दोनों देशों के बीच 2005 से 2015 तक की अवधि के लिए भी 10 साल का एक सुरक्षा समझौता लागू रहा था, जिसे अब इस नए और आधुनिक फ्रेमवर्क से रिप्लेस किया गया है।

अमेरिकी रक्षा विभाग (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ वार) के अनुसार, यह समझौता क्वाड (QUAD) समूह के विजन के अनुरूप एक स्वतंत्र, खुले और नियमों पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण, समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर पूरी तरह केंद्रित है।

तकनीक साझा करने और हथियारों के संयुक्त उत्पादन पर जोर

इस नए रक्षा समझौते के तहत दोनों देशों ने महत्वपूर्ण रक्षा तकनीकों को साझा करने और हथियारों के सह-उत्पादन के लिए अपनी सहमति जताई है। इसके लिए 'INDUS-X' पहलों को मुख्य माध्यम बनाया गया है, जिसके जरिए कई क्षेत्रों में मिलकर काम किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से-

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  • सैन्य हार्डवेयर का निर्माण
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का विकास
  • खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही (ISR) क्षमताओं को मजबूत करना
  • आधुनिक गोला-बारूद का मिलकर उत्पादन करना
  • शामिल है। इस व्यापक सहयोग से दोनों देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता की दिशा में भी मिलकर काम कर रहे हैं।

Location :  New Delhi

Published :  28 October 2026, 3:22 PM IST

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