हिंदी
ESIC नियमों में बड़ा बदलाव (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
New Delhi: देशभर के कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के दायरे और वेतन की गणना को लेकर स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत लागू की गई नई व्यवस्था के बाद अब नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का हिसाब लगाने का तरीका बदल गया है। इस बदलाव से देश के लाखों कर्मचारियों को सीधा और बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
अब तक कई कंपनियां वेतन का एक बड़ा हिस्सा अलग-अलग प्रकार के भत्तों के रूप में दिखाती थीं, जिससे मूल वेतन कम हो जाता था और सामाजिक सुरक्षा लाभों पर असर पड़ता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब ऐसा करना संभव नहीं होगा।
नियम के मुताबिक, यदि वेतन से बाहर रखे गए विभिन्न भत्तों की कुल रकम कुल पारिश्रमिक के 50 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, तो तय सीमा यानी 50 प्रतिशत से ऊपर की अतिरिक्त रकम को भी अनिवार्य रूप से वेतन का हिस्सा माना जाएगा। इसका सीधा असर ईएसआई कवरेज और उसके दायरे पर पड़ेगा, जिससे कर्मचारियों को मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा लाभों में बढ़ोतरी होगी।
नई वेतन परिभाषा के प्रभावी होने को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी गई है। ईएसआईसी के महानिदेशक (डीजी) अशोक कुमार सिंह ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उनके अनुसार, सामाजिक सुरक्षा संहिता की धारा 2(88) के अंतर्गत नई वेतन परिभाषा 21 नवंबर 2025 से ही लागू हो चुकी है। वहीं, कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे 8 मई 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा। इसके बाद निगम ने सभी नियोक्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे नई परिभाषा के आधार पर ही कर्मचारियों की ईएसआई कवरेज की गणना करें।
इस पूरी व्यवस्था को एक आसान उदाहरण से समझा जा सकता है-
मान लीजिए कि किसी कर्मचारी की कुल मासिक आय 20,000 रुपये है।
इसमें से मूल वेतन (बेसिक सैलरी) 8,000 रुपये है।
इसके अतिरिक्त मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों के रूप में 12,000 रुपये दिए जाते हैं।
इस तरह कुल भुगतान 20,000 रुपये हुआ, जिसमें भत्तों के रूप में बाहर रखी गई रकम 12,000 रुपये है।
नियम के अनुसार, कुल 20,000 रुपये का आधा यानी 50 प्रतिशत हिस्सा 10,000 रुपये बनता है।
यहां भत्ते की रकम 12,000 रुपये है, जो तय 10,000 रुपये की सीमा से 2,000 रुपये अधिक है।
नई वेतन परिभाषा के तहत यही अतिरिक्त 2,000 रुपये भी अब वेतन में जोड़कर गिने जाएंगे।
परिणामस्वरूप, ईएसआई की गणना के लिए अब वेतन केवल 8,000 रुपये नहीं माना जाएगा, बल्कि उसमें 2,000 रुपये जुड़ने के बाद कुल 10,000 रुपये को वेतन मानकर गणना की जाएगी। इस स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया से कर्मचारियों को भविष्य में अधिक सुरक्षा और लाभ मिलना तय माना जा रहा है।
Location : New Delhi
Published : 21 September 2026, 12:02 PM IST
Topics : Employee Benefits ESIC Coverage Update ESIC New Rule Labour Code India Salary Definition Change
No related posts found.