रात 2 बजे भी खत्म नहीं होती ड्यूटी! एयर होस्टेस ने बताई नौकरी की सच्चाई

हवाई जहाज में मुस्कुराते हुए यात्रियों का स्वागत करने वाली एयर होस्टेस और केबिन क्रू की जिंदगी बाहर से जितनी आकर्षक दिखाई देती है, हकीकत उतनी ही अलग है। दुनिया घूमने, लग्जरी होटलों में ठहरने और ग्लैमरस लाइफस्टाइल की चमक के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है...

Updated : 11 June 2026, 8:08 PM IST

New Delhi: हवाई जहाज में मुस्कुराते हुए यात्रियों का स्वागत करने वाली एयर होस्टेस और केबिन क्रू की जिंदगी बाहर से जितनी आकर्षक दिखाई देती है, हकीकत उतनी ही अलग है। दुनिया घूमने, लग्जरी होटलों में ठहरने और ग्लैमरस लाइफस्टाइल की चमक के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। हाल ही में एक केबिन क्रू सदस्य ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर इस पेशे की असल चुनौतियों को सामने रखा है।

होस्टेस की नौकरी

वीडियो में केबिन क्रू सदस्य  ने बताया कि लोग अक्सर समझते हैं कि एयर होस्टेस की नौकरी सिर्फ यात्रा और आरामदायक जिंदगी तक सीमित है, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं ज्यादा कठिन है। आगे बताया कि वीडियो रिकॉर्ड करते समय रात के करीब दो बज रहे थे और वह लगातार तीन उड़ानों में अपनी ड्यूटी पूरी कर चुकी थीं। इसके बावजूद उनका काम खत्म नहीं हुआ था। उन्हें चौथी फ्लाइट से यात्री बनकर घर लौटना था।

कई बार घंटों तक आराम नहीं

केबिन क्रू सदस्य  के मुताबिक, लगातार उड़ानों और अनियमित शेड्यूल के कारण शरीर पूरी तरह थक जाता है। कई बार घंटों तक आराम नहीं मिल पाता और नींद भी अधूरी रह जाती है। उन्होंने बताया कि घर पहुंचते-पहुंचते सुबह के पांच बज जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारियां खत्म नहीं होतीं। घर लौटकर खाना बनाना, घरेलू काम करना और अगले दिन की तैयारी भी करनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि केबिन क्रू का काम सिर्फ मुस्कुराते हुए यात्रियों को सीट दिखाने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे लंबे घंटों की ड्यूटी, शारीरिक थकान, मानसिक दबाव और हर वक्त सतर्क रहने की जिम्मेदारी होती है। कई बार अलग-अलग समय की फ्लाइट्स के कारण उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल जाती है और शरीर की प्राकृतिक घड़ी प्रभावित होने लगती है।

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सबसे बड़ी चुनौती नींद और स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। कभी सुबह तड़के फ्लाइट पकड़नी होती है तो कभी देर रात तक काम करना पड़ता है। कई बार एक ही हफ्ते में अलग-अलग शिफ्ट्स करने से स्लीप साइकिल पूरी तरह बिगड़ जाती है। इसका असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ सकता है।

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खाने-पीने की आदतें भी इस नौकरी में सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। समय पर भोजन करना अक्सर संभव नहीं होता। कभी जल्दी-जल्दी खाना पड़ता है तो कभी कई घंटों तक खाने का मौका ही नहीं मिलता। लगातार ट्रैवल और बदलते टाइम ज़ोन के कारण संतुलित जीवनशैली बनाए रखना आसान नहीं होता।

Location :  New Delhi

Published :  11 June 2026, 8:07 PM IST