DUSU Election में उम्मीदवारों की दबंगई पड़ेगी भारी, हाईकोर्ट की दो टूक- रोक देंगे चुनाव के नतीजे!

DUSU Election 2026: डूसू चुनाव में हिंसा और गुंडागर्दी पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त। कोर्ट ने कहा- अगर कल तक उपद्रवी उम्मीदवारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मतगणना रोक देंगे। जानिए कोर्ट की पूरी चेतावनी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 September 2026, 10:12 AM IST

New Delhi: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के दौरान हो रही भारी हिंसा, गाड़ियों के काफिले और उपद्रव पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

अदालत ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों और उपद्रवियों के खिलाफ कल तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी।

'लोकतंत्र को आपराधिक समाज में बदलने की इजाजत नहीं'

अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और छात्र राजनीति के नाम पर इस लोकतंत्र को आपराधिक समाज में तब्दील करने की अनुमति किसी भी हाल में नहीं दी जा सकती।

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यह पूरी कानूनी सुनवाई अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा की याचिका पर हुई, जिसमें लिंगदोह समिति की सिफारिशों, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने विरोधी नियमों और चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कैंपस के अंदर गोलियों की आवाज, प्रोफेसरों पर हमले और खुली रैलियों का ब्योरा रखा।

कार्रवाई से संतुष्ट न होने पर थमेगी वोटों की गिनती

हाईकोर्ट ने साफ किया कि 18 सितंबर को होने वाले मतदान को फिलहाल स्थगित नहीं किया जा रहा है, लेकिन यदि प्रशासन द्वारा पेश की जाने वाली कार्रवाई रिपोर्ट से अदालत संतुष्ट नहीं हुई, तो मतगणना पर रोक लगा दी जाएगी। पीठ ने कहा कि जब तक ऐसे सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले लोग नहीं सुधरेंगे।

वहीं केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कैंपस में हुई हिंसा को निंदनीय बताते हुए दोषियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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सोशल मीडिया फुटेज से पहचान और स्टेटस रिपोर्ट की मांग

हाईकोर्ट ने पुलिस का ध्यान इस ओर खींचा कि उपद्रव करने वाले उम्मीदवारों ने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इन रैलियों और रसूख की तस्वीरें व वीडियो पोस्ट किए हैं, इसलिए दोषियों की पहचान करना बहुत आसान है।

अदालत ने दिल्ली पुलिस और डीयू प्रशासन को कल दोपहर तक पूरी स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे तय की गई है।

Location :  New Delhi

Published :  18 September 2026, 10:12 AM IST