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सीजेपी का प्रदर्शन
New Delhi: राजधानी दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने बड़ा दावा किया है। संगठन के मुताबिक, 10 अक्टूबर को मध्य दिल्ली और जंतर-मंतर के आसपास हुए धरने-प्रदर्शनों के कारण करीब 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे दिवाली तक प्रमुख व्यापारिक इलाकों में धरना-प्रदर्शन करने से बचें।
संगठन का कहना है कि नवरात्रि, रामलीला और दिवाली के चलते दिल्ली में त्योहारों का कारोबारी सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच बाधित होने और यातायात प्रभावित होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
CTI के अनुसार, प्रदर्शन और उससे जुड़ी यातायात पाबंदियों का असर दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों पर पड़ा। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट, चावड़ी बाजार और भागीरथ प्लेस जैसे व्यस्त कारोबारी इलाके शामिल हैं।
संगठन का दावा है कि सामान्य दिनों की तुलना में व्यापार घटकर करीब 30 फीसदी रह गया। हालांकि, 2,000 करोड़ रुपये के नुकसान और कारोबार में गिरावट के ये आंकड़े CTI की ओर से दिए गए अनुमान हैं।
CTI ने कहा है कि प्रदर्शन के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने से करीब 15 लाख व्यापारियों और 10 लाख से अधिक श्रमिकों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है।
संगठन के मुताबिक, बाहर से दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों की संख्या भी काफी घट गई। CTI का दावा है कि जहां पहले रोजाना 2 से 3 लाख बाहरी ग्राहक आते थे, वहीं प्रदर्शन के दौरान यह संख्या घटकर करीब 40 से 50 हजार रह गई। स्थानीय ग्राहकों की संख्या में भी 50 फीसदी से अधिक गिरावट का दावा किया गया है।
व्यापारी संगठन ने कारोबार प्रभावित होने के पीछे भारी ट्रैफिक जाम, बैरिकेडिंग, मार्गों पर पाबंदियों और मेट्रो सेवाओं से जुड़ी बाधाओं को प्रमुख कारण बताया है। CTI के मुताबिक, करीब 45 से 55 मेट्रो स्टेशनों के बंद होने या प्रभावित रहने से बाजारों तक पहुंचने में ग्राहकों को परेशानी हुई।
हालांकि, मेट्रो स्टेशनों की संख्या और उन पर लागू पाबंदियों की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए CTI ने सभी राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख वाणिज्यिक क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन नहीं करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही सामान्य रहना व्यापारियों के लिए बेहद जरूरी है।
CTI ने बड़े प्रदर्शनों के आयोजन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की मांग भी की है। संगठन के मुताबिक, 1,000 से अधिक लोगों की भागीदारी वाले प्रदर्शनों के लिए अलग गाइडलाइंस बनाई जानी चाहिए, ताकि विरोध प्रदर्शन के अधिकार और आम लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाया जा सके।
व्यापारिक संगठन ने दिल्ली के प्रमुख बाजारों से दूर एक स्थायी प्रदर्शन स्थल बनाने का सुझाव दिया है। इसके लिए बुराड़ी या रामलीला मैदान जैसे स्थानों का नाम प्रस्तावित किया गया है।
CTI का मानना है कि निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन आयोजित होने से बाजारों में कारोबार और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने वाला असर कम किया जा सकता है।
CTI के मुताबिक, प्रदर्शन और यातायात संबंधी बाधाओं का असर केवल खुदरा बाजारों तक सीमित नहीं रहा। त्योहारों के दौरान होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल और ब्यूटी पार्लर जैसे सेवा क्षेत्रों में भी बुकिंग रद्द होने की शिकायतें सामने आई हैं।
संगठन ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। व्यापारियों की अपील है कि त्योहारों के दौरान राजधानी के प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां बनाए रखने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।
फिलहाल, 2,000 करोड़ रुपये के कारोबार प्रभावित होने का आंकड़ा CTI का दावा है। इस नुकसान का स्वतंत्र आकलन सामने आने पर ही प्रदर्शन के आर्थिक प्रभाव की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
Location : New Delhi
Published : 11 October 2026, 10:36 AM IST