Malviya Nagar Hotel Fire: आखिरी फोन कॉल और फिर मौत का सन्नाटा, अग्निकांड में खत्म हुआ पूरा परिवार,मातम में डूबा गुरुग्राम

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई। गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल के परिवार के सात सदस्य भी हादसे का शिकार बने। घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 June 2026, 9:31 AM IST

New Delhi: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को हमेशा के लिए दर्द दे दिया। इस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें इलाज की उम्मीद लेकर आए मरीजों के तीमारदार भी शामिल थे। होटल के आसपास कई बड़े अस्पताल होने के कारण देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से लोग यहां ठहरते हैं। लेकिन बुधवार को हुई इस दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया।

गुरुग्राम का अग्रवाल परिवार पूरी तरह बिखर गया

हादसे में सबसे अधिक प्रभावित गुरुग्राम का अग्रवाल परिवार रहा। चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के सात सदस्यों की आग में झुलसकर मौत हो गई। गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित उनके घर पर मातम पसरा हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार इस हादसे की खबर से अब तक सदमे में हैं। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस त्रासदी को लेकर दुख व्यक्त कर रहे हैं।

परिवार के अधिकांश सदस्य हादसे का शिकार

जानकारी के अनुसार विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तरजिनी, मां प्रेमलता और उनकी दोनों बेटियां इस हादसे में जान गंवा बैठीं। इसके अलावा परिवार के अन्य करीबी रिश्तेदार भी आग की चपेट में आ गए। बताया गया कि विवेक के मामा अशोक गोयल, मामी कमला गोयल और एक अन्य रिश्तेदार भी मृतकों में शामिल हैं। परिवार का लगभग पूरा कुनबा इस हादसे का शिकार हो गया।

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आखिरी फोन कॉल ने बढ़ाया दर्द

रिश्तेदारों के मुताबिक आग लगने के दौरान विवेक अग्रवाल ने अपने करीबी पुनीत गुप्ता को फोन किया था। उन्होंने बताया था कि हालात बेहद खराब हैं और शायद वे लोग बच नहीं पाएंगे। पुनीत ने उन्हें गीला कपड़ा मुंह पर रखने की सलाह दी, लेकिन आग और धुएं ने कुछ ही देर में हालात बेकाबू कर दिए। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक कोई जीवित नहीं बचा था।

इलाज के लिए दिल्ली आए थे परिवार के सदस्य

बताया जा रहा है कि विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था। परिवार के सदस्य उनकी देखभाल के लिए होटल में रुके हुए थे। विवेक की बेटी भी अपने दादा से मिलने बेंगलुरु से दिल्ली आई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात परिवार की आखिरी मुलाकात साबित होगी।

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सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि होटल तक पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा था और आपात स्थिति में बाहर निकलने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर भवन सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

Location :  New Delhi

Published :  4 June 2026, 9:20 AM IST