लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच को लेकर लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन मुद्दे पर बोलने की कोशिश के दौरान भारी विरोध हुआ और 8 सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिए गए।

Rahul Gandhi
New Delhi: लोकसभा में एक बार फिर हंगामा, शोर और नारेबाजी के बीच विपक्ष की आवाज दबने का आरोप लगा। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बोलने उठे तो सदन में सियासी टकराव तेज हो गया। हालात ऐसे बने कि लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने का मौका नहीं मिला और संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।
अनपब्लिश्ड बुक का जिक्र, सदन में हंगामा
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे राहुल गांधी ने लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ की एक अनपब्लिश्ड किताब के आर्टिकल का हवाला देते हुए बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बोलने दिया जाए क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं। जैसे ही राहुल ने चीन-भारत तनाव और पूर्वी लद्दाख का जिक्र किया, एनडीए के सांसदों ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया।
‘मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा’
करीब 14 मिनट तक राहुल गांधी बोलने की कोशिश करते रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें परमिशन नहीं दी जा रही है, जबकि वे विपक्ष के नेता हैं। राहुल ने कहा कि वे सिर्फ यह बता रहे हैं कि चीन और भारत के बीच क्या हुआ और कैसे पूर्वी लद्दाख में हमारे सैनिक शहीद हुए। राहुल का आरोप था कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है।
हंगामे में 8 सांसद सस्पेंड
सदन में हंगामे के दौरान पीठासीन अधिकारी की ओर कागज उछालने के आरोप में आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रशांत परोले, एस वेंकटतरमण, मणिकम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, हिबी ईडन, गुरजीत औजला और डीन कोरियोकोज शामिल हैं। इस फैसले के बाद विपक्ष और ज्यादा आक्रामक नजर आया।
सोमवार को भी नहीं रख पाए बात
इससे एक दिन पहले सोमवार को भी राहुल गांधी ने करीब 46 मिनट तक अपनी बात रखने की कोशिश की थी। उस दिन सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी थी। राहुल गांधी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 बार, गृह मंत्री अमित शाह ने 7 बार टोका। इसके अलावा किरेन रिजिजू ने दो बार और अनुराग ठाकुर ने छह बार राहुल को बोलने से रोका था।
विपक्ष का समर्थन, बयान से बढ़ी सियासी तपिश
राहुल के समर्थन में सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल, टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय और डीएमके सांसद डी.एम. कातिर आनंद ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से इनकार कर दिया। वहीं राहुल गांधी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं और उन पर भारी दबाव है। राहुल ने आरोप लगाया कि ट्रेड डील में देश की मेहनत और बलिदान को बेच दिया गया है और इसी वजह से उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा।