
यूपी में नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सफर होगा आसान (Image Source: Internet)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है। राज्य में 322 किलोमीटर लंबे चार नए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 17,542 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए एक्सप्रेसवे राज्य में पहले से संचालित और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा और औद्योगिक विकास को गति देने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, इन परियोजनाओं का लाभ केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशकों को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में आसानी होगी। इसके साथ ही किसानों और कृषि उत्पादों के कारोबार से जुड़े लोगों को भी परिवहन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के अनुसार, चारों लिंक एक्सप्रेसवे राज्य के मौजूदा एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ने का काम करेंगे। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे इन दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच संपर्क स्थापित होगा और फर्रुखाबाद क्षेत्र को भी बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी।
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वहीं, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क बनाएगा। इससे इन मार्गों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र को राज्य के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
चौथा लिंक एक्सप्रेसवे जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-एनसीआर के साथ बेहतर होगी। इस परियोजना से हवाई अड्डे तक सड़क मार्ग से पहुंचने के लिए संपर्क व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के मुताबिक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ किसानों और कृषि उत्पादों के कारोबार को मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से दूध, फल और सब्जियों की ढुलाई तेज होगी। इससे इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए बेहतर मार्ग उपलब्ध होने से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आपूर्ति व्यवस्था को भी सुविधा मिलेगी। चारों लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद राज्य के कई हिस्से एक-दूसरे से सीधे जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही निवेशकों और उद्योगों के लिए आवागमन आसान होगा। कुल 322 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं पर 17,542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका उद्देश्य राज्य में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार कर औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और कृषि कारोबार को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
Location : New Delhi
Published : 31 October 2026, 6:40 AM IST