खाकी पर बरसे मुख्यमंत्री के खासमखास, भोजपुर एनकाउंटर को बताया गलत, बिहार की सियासत में आया भूचाल

भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने पीड़ित गांव बिलौटी पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी ही सरकार के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर खुलकर सवाल उठाते हुए इस एनकाउंटर को गलत बताया। उधर, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मृतका की मां भूख हड़ताल पर हैं।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 5 July 2026, 5:28 PM IST
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Ara: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ले लिया है। राज्य सरकार में मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने रविवार को भरत तिवारी के पैतृक गांव बिलौटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। जदयू की ओर से पहली बार कोई वरिष्ठ नेता सीधे पीड़ित परिवार के बीच पहुंचा है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी गांव जाकर परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं।

मंत्री बोले- एनकाउंटर पर पहले भी जताई थी आपत्ति

मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने पुलिस कार्रवाई पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी राय शुरू से यही रही है कि यह एनकाउंटर सही नहीं था। एक कैबिनेट मंत्री का अपनी ही सरकार के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर इस तरह सवाल उठाना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

जातीय रंग देने की कोशिश का लगाया आरोप

अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को जातीय विवाद का रूप देकर समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश भी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री को घेरने के उद्देश्य से इस मुद्दे को अलग दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने जगदीशपुर के एसडीओ की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई।

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परिजनों की मांग- दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई

भरत तिवारी के परिवार ने मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है। परिजनों का कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक भरत तिवारी की मां आशा देवी अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगी। परिवार ने सुरक्षा मुहैया कराने, गांव के लोगों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। ऐसे में अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है। माना जा रहा है कि जांच की दिशा और प्रशासनिक फैसले इस पूरे विवाद की आगे की तस्वीर तय करेंगे।

Location :  Ara

Published :  5 July 2026, 5:28 PM IST

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