दिल्ली में पीएम मोदी से मिले बिहार के सीएम सम्राट, शिष्टाचार या सियासी संकेत?

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात को कैबिनेट विस्तार और राज्य के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 21 April 2026, 6:48 PM IST

New Delhi: बिहार की राजनीति इस वक्त बड़े फैसलों के मुहाने पर खड़ी दिख रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे Samrat Choudhary ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। इस मुलाकात को भले ही औपचारिक बताया जा रहा हो, लेकिन इसके पीछे बड़े सियासी संकेत छिपे माने जा रहे हैं।

पीएम आवास पर अहम मुलाकात

दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली दिल्ली यात्रा है। पीएमओ की ओर से भी इस बैठक की जानकारी साझा की गई, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई है।

सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें

मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्हें राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग बिहार को नई गति देगा।

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बीजेपी नेतृत्व से भी मुलाकात

पीएम से मिलने से पहले सम्राट चौधरी ने भाजपा मुख्यालय में Nitin Navin से भी मुलाकात की। हालांकि यह मुलाकात महज पांच मिनट की रही, लेकिन इसके राजनीतिक मायने काफी अहम माने जा रहे हैं।

कैबिनेट विस्तार पर अटकलें तेज

सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों को बिहार में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्तमान में राज्य का मंत्रिमंडल अधूरा है और भाजपा कोटे से अभी तक किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही कैबिनेट विस्तार हो सकता है।

29 विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री

इस समय बिहार में केवल मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री ही शपथ ले चुके हैं। जेडीयू की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी डिप्टी सीएम हैं। स्थिति यह है कि सम्राट चौधरी अकेले 29 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर भी दबाव बढ़ रहा है।

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33 मंत्रियों का प्रावधान, लेकिन कैबिनेट अधूरी

बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन अभी तक पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द कैबिनेट का विस्तार कर शासन को रफ्तार देना है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दिल्ली में हुई इन बैठकों के बाद बिहार में कैबिनेट विस्तार कब तक होता है और इसमें किन नेताओं को जगह मिलती है।

Location :  New Delhi

Published :  21 April 2026, 6:48 PM IST