
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर टूट की खबरों के बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत की एक टिप्पणी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार, 17 जून को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संजय राउत ने शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के संदर्भ में अपशब्दों का प्रयोग किया। उनके बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
संजय राउत की टिप्पणी पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उनका बचाव करने की कोशिश की है। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले ही टूट चुकी है और उसके विधायक भी उनसे छीन लिए गए। अब एक बार फिर पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि ऐसे हालात में संजय राउत का गुस्सा समझ में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भाषा चाहे जैसी भी रही हो, लेकिन उनकी हताशा और नाराजगी साफ दिखाई देती है। कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो कुछ किया जा रहा है, वह संसदीय आचरण की भावना से काफी दूर है।
विवाद बढ़ने के बाद संजय राउत ने भी अपने बयान का बचाव किया। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मराठी भाषा में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल सामान्य तौर पर किया जाता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
राउत ने कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि कब और किस तरह की भाषा का प्रयोग करना चाहिए। उनके मुताबिक सामने वाला व्यक्ति जिस भाषा को समझता है, उसी भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने संसद के भीतर कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है।
संजय राउत ने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ देता है, उसके बारे में क्या कहा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोगों पर फूलों की बारिश की जानी चाहिए। इस बयान के जरिए उन्होंने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं के प्रति अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) को हाल ही में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के छह सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भी अपने समर्थन की जानकारी दे दी है।
सांसदों की बगावत के बाद अब सभी की नजर शिवसेना (यूबीटी) के विधायकों पर टिकी हुई है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में विधायकों का रुख क्या रहेगा। इसी बीच उद्धव ठाकरे ने 22 जून को अपने विधायकों की बैठक बुलाई है।
Location : Mumbai
Published : 17 June 2026, 3:13 PM IST