Mumbai Pollution: मुंबई की हवा हुई दमघोंटू, BMC ने लागू किए 28 नियम, उल्लंघन पर निर्माण स्थल होंगे सील

Mumbai Pollution: मुंबई में AQI करीब 166 दर्ज होने के बीच BMC ने निर्माण परियोजनाओं के लिए 28 नियम लागू किए हैं। 76 टीमें निगरानी करेंगी। नियम तोड़ने पर स्टॉप-वर्क नोटिस, निर्माण बंद करने और साइट सील करने की कार्रवाई हो सकती है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 26 October 2026, 12:36 PM IST
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Mumbai: मुंबई में वायु प्रदूषण की समस्या लगातार गंभीर होती दिखाई दे रही है। तटीय शहर होने के बावजूद कई इलाकों में धुंध की चादर छाई हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) करीब 166 दर्ज किया गया, जो हवा की खराब स्थिति को दर्शाता है। मरीन ड्राइव से सामने आई तस्वीरों में इमारतें धुंध के बीच धुंधली नजर आ रही हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने शहर में हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

निर्माण कार्य और कचरा जलाना प्रदूषण की बड़ी वजह

मुंबई में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल, वाहनों का धुआं, खुले में कचरा जलाना और हवा की धीमी गति प्रदूषक कणों को वातावरण में बनाए रखती है।

मानसून के बाद मौसम में बदलाव और हवा की कम रफ्तार के कारण प्रदूषक आसानी से दूर नहीं जा पाते। इससे कई क्षेत्रों में धुंध दिखाई देने लगती है। इसी स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने निर्माण परियोजनाओं के लिए 28 बिंदुओं वाली गाइडलाइन लागू की है।

निर्माण स्थलों को चारों तरफ ढकना जरूरी

BMC ने बिल्डरों और ठेकेदारों को निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन इमारतों को चारों ओर से हरे कपड़े, जूट की चादर या तिरपाल से ढका जाए। इसका उद्देश्य निर्माण के दौरान निकलने वाली धूल को आसपास के इलाकों में फैलने से रोकना है।

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इसके अलावा, पत्थर और कंक्रीट की कटाई, ड्रिलिंग, ग्राइंडिंग तथा पिसाई जैसे धूल पैदा करने वाले काम बंद क्षेत्रों में करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी जगहों पर लगातार वॉटर फॉगिंग करने को भी कहा गया है, ताकि धूल के कण हवा में कम फैलें।

ऊंची इमारतों के निर्माण में मेटल बैरिकेड अनिवार्य

निर्देशों के मुताबिक, 70 मीटर से अधिक ऊंची या एक एकड़ से बड़े क्षेत्र में फैली निर्माण परियोजनाओं के चारों ओर कम से कम 35 फीट ऊंचे मेटल शीट बैरिकेड लगाना अनिवार्य किया गया है।

प्रदूषण रोकने के लिए BMC ने बढ़ाई सख्ती (Img- X)

BMC ने श्रमिकों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने को भी कहा है, ताकि ठंड या अन्य जरूरतों के लिए खुले में आग जलाने की घटनाएं कम हों। इन उपायों का मकसद निर्माण स्थलों से निकलने वाले धूल और धुएं के प्रदूषण पर नियंत्रण रखना है।

76 टीमें करेंगी निगरानी, उल्लंघन पर काम बंद

नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए BMC ने वार्ड स्तर पर 76 विशेष टीमें तैनात की हैं। ये टीमें निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शहर की 3,166 निर्माण साइटों पर सेंसर आधारित एयर क्वालिटी मॉनिटर भी लगाए गए हैं।

नियमों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं को स्टॉप-वर्क नोटिस दिया जा सकता है। गंभीर मामलों में निर्माण कार्य रोकने और साइट सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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क्या नए नियम मुंबई की हवा सुधार पाएंगे?

BMC की नई गाइडलाइन का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्माण कंपनियां निर्देशों का कितना पालन करती हैं और निगरानी कितनी प्रभावी रहती है। वाहनों से निकलने वाले धुएं और खुले में कचरा जलाने पर नियंत्रण भी जरूरी होगा।

फिलहाल शहर में प्रदूषण कम करने के लिए निर्माण स्थलों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता के आंकड़ों से पता चलेगा कि इन कदमों का कितना असर पड़ा है।

Location :  Mumbai

Published :  26 October 2026, 12:36 PM IST

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