
12 मिस्ड कॉल्स से गहराया IIT बॉम्बे केस (Img- Dynamite News)
Mumbai: मुंबई के प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे (पवई) के 22 वर्षीय छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की संदिग्ध मौत के मामले में अब उसका स्मार्ट फोन ही सबसे बड़ा गवाह बन गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल का शव मिलने से ठीक पहले उसकी मोबाइल स्क्रीन पर 12 से अधिक मिस्ड कॉल्स के नोटिफिकेशन चमके थे।
हालांकि, फोन पर मजबूत पैटर्न लॉक लगा होने के कारण क्राइम ब्रांच अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि आखिरी समय में साहिल को कौन कॉल कर रहा था। डिजिटल सबूत जुटाने के लिए फोन को कालीना एफएसएल (FSL) लैब भेजा गया है, जहां साइबर विशेषज्ञ इस लॉक को तोड़ने की कोशिश में जुटे हैं।
क्राइम ब्रांच अब तक इस हाई-प्रोफाइल मामले में सहपाठियों, हॉस्टल स्टाफ और शिक्षकों समेत करीब 30 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच में साहिल की एक महिला मित्र का बयान बेहद अहम साबित हो रहा है। महिला मित्र ने पुलिस को दिए बयान में खुलासा किया है कि खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने से कुछ देर पहले साहिल ने उसे मैसेज भेजकर अपनी गलती स्वीकार की थी।
पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल अनलॉक होते ही कॉल लॉग्स, व्हाट्सएप चैट्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी से 18 सितंबर को हुई परीक्षा के दौरान की पूरी कड़ी उजागर हो जाएगी।
जांच अधिकारी परीक्षा हॉल और परिसर के सीसीटीवी कैमरों की बारीक फुटेज खंगाल रहे हैं। पुलिस साहिल के जीवन के आखिरी 55 मिनट की एक-एक सेकंड की गतिविधियों का खाका तैयार कर रही है। हालांकि, मामले से जुड़े प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला का बयान दर्ज होना अभी बाकी है। दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर परीक्षा हॉल का एक कथित वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी प्रामाणिकता की जांच साइबर पुलिस कर रही है।
24 सितंबर को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने खुद IIT बॉम्बे कैंपस पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया। साहिल के परिजनों ने संस्थान के भीतर जातीय भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसको लेकर आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन भी हुआ। 18 सितंबर को हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या करने वाले साहिल के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, जिससे यह मामला और उलझ गया है।
Location : Mumbai
Published : 26 September 2026, 8:49 AM IST
Topics : crime news IIT Bombay Case Mumbai News Sahil Wakode