अखबार के विज्ञापनों से लेकर डेटिंग ऐप्स तक: क्या वाकई बदल चुका है भारत में शादी का मतलब?

भारत के वेडिंग सीजन में 4 से 7 लाख करोड़ का कारोबार होता है। अब यूथ अरेंज मैरिज छोड़ डेटिंग ऐप्स और एआई के जरिए अपना हमसफर चुन रहा है, जिससे रिश्तों के मायने पूरी तरह बदल चुके हैं।

Updated : 5 November 2026, 2:27 PM IST
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New Delhi: भारत में शादी का भव्य सीजन शुरू हो चुका है, जहाँ हर साल लगभग 1 करोड़ शादियां होती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इनमें से करीब 50% शादियां सिर्फ सर्दियों के दो महीनों- नवंबर और दिसंबर में ही क्यों होती हैं? ठंड का सुहाना मौसम और पंडित जी के निकाले गए ढेरों शुभ मुहूर्त इसके मुख्य कारण तो हैं ही, साथ ही यह सीजन भारतीय अर्थव्यवस्था में 4 लाख करोड़ से लेकर 7 लाख करोड़ रुपये तक का बंपर कारोबार भी पैदा करता है। कैटरिंग, डेकोरेशन, बैंड-बाजा और कपड़ा कारोबारियों के लिए यह समय सबसे बड़ा बिजनेस सीजन होता है।

लेकिन इस तड़क-भड़क के बीच भारतीय समाज और यूथ की सोच में एक बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब वह दौर पीछे छूट गया है जब रिश्तों के लिए अखबार के विज्ञापन या दूर के रिश्तेदारों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज का यूथ अरेंज मैरिज से आगे निकलकर डेटिंग ऐप्स और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपना हमसफर खुद चुन रहा है।

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सीएआईटी (CAIT) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ नवंबर और दिसंबर के शुरुआती कुछ हफ्तों में ही देश में 32 लाख से 46 लाख तक शादियां हो जाती हैं। शहरी इलाकों में अब लगभग 30% से 40% शादियां पर्सनल चॉइस यानी लव मैरिज के रूप में हो रही हैं। इसके अलावा, पढ़ाई और करियर को प्राथमिकता मिलने के कारण शादी की औसत आदर्श (आइडियल) उम्र बढ़कर अब करीब 22.7 साल हो चुकी है।

Dating Apps India

(प्रतीकात्मक छवि- (सोर्स-Pinterest)

आज की युवा पीढ़ी के लिए शादी का मतलब केवल समाज की परंपरा निभाना या बच्चे पैदा करना नहीं रह गया है, बल्कि वे आपसी इज्जत, इमोशनल सपोर्ट और बराबरी (Equality) को अधिक महत्व देते हैं। बड़े शहरों में लिव-इन रिलेशनशिप को भी धीरे-धीरे अपनाया जा रहा है, और महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता के कारण अब टॉक्सिक रिश्तों से बाहर निकलकर तलाक लेने के फैसले में पहले जैसा संकोच नहीं देखा जा रहा है।

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हमसफर तलाशने के इस डिजिटल तरीके ने यूथ को घर बैठे लाखों प्रोफाइल्स देखने, अपनी पसंद के अनुसार फिल्टर (सैलरी, कास्ट, शहर, धर्म) लगाने और घरवालों के शामिल होने से पहले डायरेक्ट चैट या वीडियो कॉल पर सामने वाले को परखने की आज़ादी दी है।

हालांकि, इस डिजिटल दुनिया में साइबर ठगों और स्कैमर्स का खतरा भी बढ़ गया है। यदि आप भी ऑनलाइन पार्टनर की तलाश कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के पैसों की मांग करने पर एक रुपया भी न भेजें, केवल 'ब्लू टिक' या 'ID Verified' प्रोफाइल्स पर ही भरोसा करें, पहले ही दिन अपनी पर्सनल या बैंक डिटेल्स साझा न करें, और पहली मुलाकात हमेशा किसी सार्वजनिक स्थान (जैसे कैफे या मॉल) पर ही करें तथा घर के किसी सदस्य या दोस्त को अपनी लाइव लोकेशन जरूर साझा करें।

Location :  New Delhi

Published :  5 November 2026, 2:25 PM IST

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