
स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत लें मदद (AI Image)
New Delhi: सुबह की भागदौड़, समय पर ऑफिस पहुंचने की चिंता, घंटों लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना और रात में देर तक मोबाइल देखते रहना। आज की व्यस्त जीवनशैली में ये आदतें आम हो गई हैं। कई लोग काम पूरा करने के लिए अपनी नींद और सेहत तक को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित दिनचर्या कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है? इनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियों के साथ ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी शामिल हो सकता है।
ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। यह तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से तक खून और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं पहुंच पाती या दिमाग की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। इसके कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी शामिल हैं। उम्र और कुछ अन्य चिकित्सकीय स्थितियां भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, केवल व्यस्त दिनचर्या होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को स्ट्रोक जरूर होगा।
क्या होता है ब्रेन स्ट्रोक? (Source: Pinterest)
ऑफिस में लगातार बैठकर काम करना, लिफ्ट का इस्तेमाल करना, थोड़ी दूरी के लिए भी वाहन लेना और घर पहुंचकर आराम करना शारीरिक गतिविधि को कम कर सकता है। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से वजन बढ़ने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में परेशानी होने का जोखिम बढ़ सकता है।
समय के साथ ये समस्याएं हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी स्थितियों को बढ़ावा दे सकती हैं। ये दोनों ब्रेन स्ट्रोक के महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं। इसलिए जरूरी है कि ऑफिस के काम के बीच भी शरीर को सक्रिय रखने की कोशिश की जाए।
देर रात तक काम करना, लगातार मोबाइल देखना और पर्याप्त नींद न लेना शरीर की सेहत को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक तनाव भी ब्लड प्रेशर और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करना मुश्किल बना सकता है।
बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित समय पर सोना-जागना, संतुलित भोजन करना और काम के बीच छोटे ब्रेक लेना उपयोगी आदतें हैं। वयस्कों को आम तौर पर हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। अपनी उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार जरूरत अलग हो सकती है।
स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर स्ट्रोक के कई जोखिम कारकों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
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चेहरे का एक तरफ झुकना, एक हाथ में अचानक कमजोरी, बोलने या समझने में परेशानी, अचानक नजर कमजोर होना, संतुलन बिगड़ना या तेज सिरदर्द जैसे लक्षण स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। लक्षण कुछ देर में ठीक हो जाएं, तब भी उन्हें नजरअंदाज न करें।
ध्यान रखें: ब्रेन स्ट्रोक में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए लक्षणों को पहचानना, जोखिम कारकों को नियंत्रित करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आपकी सेहत की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 27 October 2026, 2:03 PM IST