हिंदी
योगी कैबिनेट में 22 प्रस्तावों पर मुहर (Img: AI Generated)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में सड़क, शिक्षा, उद्योग और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाओं को लेकर सरकार ने अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन से लेकर 1,000 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क बनाने और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है।इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना शामिल है।
इन सड़कों के विकसित होने से भविष्य में यात्रा के विकल्प बढ़ सकते हैं। साथ ही, माल ढुलाई और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण की प्रगति और कनेक्टिविटी के स्वरूप पर निर्भर करेगा।
ये भी पढ़ें- भाजपा का बड़ा सियासी दांव, 3 से 5 नवंबर तक यूपी के छह क्षेत्रों में निकलेगी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे स्कूल से जुड़ी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले (Img: AI Generated)
इसके अलावा माध्यमिक, संस्कृत और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित कर्मचारियों को इलाज के खर्च का इंतजाम करने में राहत मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और हरदोई क्षेत्र में 1,000 एकड़ में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से कपड़ा उद्योग से जुड़ी कंपनियों को एक जगह सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है।
इसके साथ ही एफडीआई यानी विदेशी निवेश और वैश्विक कंपनियों के निवेश से जुड़े फैसलों को भी मंजूरी दी गई। जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों पर मुहर लगाई गई। सरकार का जोर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर है।
ये भी पढ़ें- फैक्ट्री में अचानक क्या हुआ? फर्रुखाबाद में भीषण अग्निकांड के बाद कारणों की तलाश में जुटी पुलिस
कैबिनेट ने आईआईटी कानपुर के C3iHub के माध्यम से साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य साइबर खतरों से निपटने की क्षमता मजबूत करना है। इसके अलावा प्रदेश में PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इन पहलों से तकनीक आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश होगी।
प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने को वित्तीय मंजूरी दी गई है। शहर में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। वहीं, झांसी और ललितपुर में भंडारगृह निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज और पेयजल से जुड़ी सात परियोजनाओं के खर्च संबंधी प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को लागू करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
इन 22 प्रस्तावों में सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश और तकनीक जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है, जबकि टेक्सटाइल पार्क और रोबोटिक्स जैसी पहलें औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार कर सकती हैं।
Location : Lucknow
Published : 27 October 2026, 2:41 PM IST