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स्कूल में अब तक नहीं पहुंचा MDM का राशन फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
महराजगंज: सरकारी विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर निगरानी के दावों के बीच सिसवा विकास खंड के ग्राम सभा सोनबरसा स्थित कंपोजिट विद्यालय का मामला सवालों के घेरे में है। यहां मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के राशन को विद्यालय परिसर में सुरक्षित रखने के बजाय ग्राम प्रधान के निजी आवास पर रखे जाने की शिकायत सामने आई थी। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी, सिसवा की ओर से 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किए जाने के बावजूद राशन विद्यालय में नहीं पहुंचने का आरोप है। यदि यह स्थिति सही है, तो विभागीय आदेश के अनुपालन और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
प्रकरण में शिकायतकर्ता रविन्द्र कुमार पुत्र बुद्धू, निवासी ग्राम सोनबरसा ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 40018726026046, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 के माध्यम से मामले को उठाया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपोजिट विद्यालय सोनबरसा में बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए आने वाला राशन विद्यालय परिसर में रखने के बजाय ग्राम प्रधान के निजी आवास पर रखा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर खाद्यान्न विद्यालय भेजा जाता है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी, सिसवा ने 16 अक्टूबर को कार्यालय आदेश जारी किया। इसमें प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय का समस्त खाद्यान्न विद्यालय परिसर में सुरक्षित ढंग से रखवाया जाए। इसके साथ ही संबंधित अभिलेखों और उपभोग पंजिका को अद्यतन कर जांच के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया था।
कार्यालय आदेश में प्रकरण की स्थलीय जांच का भी उल्लेख किया गया है। आदेश के मुताबिक, जांच के दौरान ग्राम प्रधान और शिकायतकर्ता की मौजूदगी में विद्यालय के एमडीएम राशन को निजी आवास पर रखे जाने का मामला सामने आया था। इसे शासनादेश के विपरीत बताया गया।
इसके बावजूद राशन विद्यालय परिसर में सुरक्षित रखवाने के निर्देश का कथित तौर पर अनुपालन नहीं होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जब शिकायत की जांच हुई और आदेश भी जारी कर दिया गया, तो फिर उसके अनुपालन की निगरानी किस स्तर पर की गई?
मामले में सबसे बड़ा सवाल खंड शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुपालन को लेकर है। यदि निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी खाद्यान्न विद्यालय में नहीं पहुंचा है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ। क्या संबंधित अधिकारियों ने अनुपालन की समीक्षा की? क्या प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया? यदि आदेश की अवहेलना हुई है, तो अब तक क्या कार्रवाई की गई?
हालांकि, मामले में किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि के संरक्षण की पुष्टि उपलब्ध तथ्यों से नहीं होती, लेकिन कथित तौर पर आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
विद्यालय में एमडीएम व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। शिकायतों के अनुसार, रसोइयों को लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। यदि ऐसा है, तो यह भी जांच का विषय है कि विद्यालय में भोजन तैयार करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और रसोइयों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाना आवश्यक है।
अब कार्रवाई की बारी, क्या तय होगी जिम्मेदारी?
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि कंपोजिट विद्यालय सोनबरसा में एमडीएम का राशन तत्काल विद्यालय परिसर में सुरक्षित रखवाया जाए। खाद्यान्न के भंडारण, वितरण और उपभोग से संबंधित अभिलेखों की जांच कराई जाए तथा आदेश के अनुपालन की स्थिति सार्वजनिक की जाए।यदि विभागीय निर्देशों की अवहेलना प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब निगाहें शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या खंड शिक्षा अधिकारी अपने ही आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे? क्या बच्चों के भोजन से जुड़ी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी? या फिर सोनबरसा विद्यालय का यह मामला भी शिकायत और नोटिस तक ही सीमित रह जाएगा? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की कार्रवाई से ही सामने आएगा।
Location : महराजगंज
Published : 27 October 2026, 3:01 PM IST
Topics : MDM MidDayMeal महराजगंज
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