केमिकल नहीं आयुर्वेद से मिटेंगे Acne: जानें Pimples होने की असली वजह और दो जादुई फेस पैक बनाने का तरीका

चेहरे पर ऐक्ने आने पर केमिकल प्रोडक्ट्स त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आयुर्वेद में इसका सुरक्षित और स्थाई इलाज है। जानिए पित्त दोष के कारण होने वाले ऐक्ने की मुख्य वजहें और इससे निजात दिलाने वाले असरदार घरेलू पैक्स के बारे में

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 June 2026, 2:15 PM IST

New Delhi: चेहरे पर ऐक्ने या पिंपल्स आते ही अक्सर लोग परेशान होकर तरह-तरह के नए-नए केमिकल वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं। मगर कई बार ये महंगे प्रोडक्ट्स राहत देने के बजाय त्वचा पर बेहद बुरा और उल्टा असर डालते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, हमारा शरीर वात, पित्त और कफ से बना है। जब शरीर में पित्त दोष और रक्त धातु (ब्लड टिशू) असंतुलित हो जाते हैं, तो चेहरे पर ऐक्ने की समस्या उभरती है।

आयुर्वेद में इसे 'मुखदुशिका' या 'युवान पिडका' कहा जाता है। धूल, प्रदूषण और हॉर्मोनल बदलाव के कारण त्वचा की सिबेशयस ग्लैंड्स से जरूरत से ज्यादा प्राकृतिक तेल (सीबम) निकलने लगता है, जो डेड स्किन के साथ मिलकर पोर्स को बंद कर देता है और बैक्टीरिया पनपने से ऐक्ने बन जाते हैं।

इन अनजानी गलतियों से और ज्यादा बिगड़ जाता है चेहरा

ऐक्ने की समस्या को बढ़ाने में हमारी रोज़मर्रा की कुछ आदतें भी बड़ी भूमिका निभाती हैं। अक्सर लोग चेहरे पर पिंपल आते ही उसे हाथों से दबाने या फोड़ने की गलती करते हैं। ऐसा करने से बैक्टीरिया त्वचा के और भीतर चले जाते हैं, जिससे संक्रमण चेहरे के अन्य हिस्सों में भी फैल जाता है और दाग-धब्बे पड़ जाते हैं। इसके अलावा, कम नींद लेने से शरीर में कॉर्टिसॉल नामक स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ता है, जो ऑयल ग्लैंड्स को एक्टिव कर देता है।

Skin Cancer: स्किन कैंसर का यह खतरनाक रूप चुपके से बना रहा है शिकार, जानिए त्वचा का कौन सा बदलाव है मौत का संकेत

बहुत अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन, रिफाइंड शुगर और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से भी शरीर में पित्त दोष बढ़ता है। वहीं, केमिकल वाले कॉस्मेटिक्स लगाकर सो जाने या गंदे तकिए के कवर का इस्तेमाल करने से भी चेहरे पर बैक्टीरिया फैलते हैं।

ऐक्ने प्रोन स्किन की ऐसे करें सही देखभाल

यदि आपकी त्वचा पर बार-बार ऐक्ने आ रहे हैं, तो आपको अपनी स्किन केयर रूटीन में कुछ जरूरी बदलाव करने चाहिए। दिन में कम से कम दो बार किसी जेंटल, केमिकल-फ्री या आयुर्वेदिक फेसवॉश से अपना चेहरा जरूर साफ करें। कई लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन पर मॉइश्चराइजर की जरूरत नहीं होती, जो कि बिल्कुल गलत है।

ऑयली स्किन वालों को हमेशा वॉटर-बेस्ड या जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए जो पोर्स को ब्लॉक न करे। इसके साथ ही, धूप की यूवी किरणों से ऐक्ने के दागों को गहरा होने से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

Skin Care: क्या स्क्रीन टाइम छीन रहा है आपके चेहरे का ग्लो? ऑफिस रूटीन में शामिल करें ये टिप्स और पाएं चमकदार त्वचा

घर पर आसानी से तैयार करें ये 2 आयुर्वेदिक पैक

आयुर्वेद के खजाने में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं जो त्वचा की सूजन और बैक्टीरिया को खत्म करती हैं। इन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं:

1. नीम और हल्दी का पैक: नीम में बेहतरीन एंटी-बायोटिक गुण होते हैं जो कीटाणुओं का नाश करते हैं, जबकि हल्दी इंफ्लेमेशन को कम करती है। नीम की ताजी पत्तियों के पेस्ट (या नीम पाउडर) में आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाकर धो लें। सप्ताह में दो बार इसका इस्तेमाल काफी फायदेमंद है।

2. चंदन और लाल चंदन का पैक: चंदन अपने ठंडे गुणों के कारण पित्त दोष को शांत करता है और त्वचा की जलन मिटाता है। एक चम्मच पीला चंदन और एक चम्मच लाल चंदन पाउडर लेकर उसे गुलाब जल या खीरे के रस के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह पैक विशेष रूप से ऑयली स्किन वालों के लिए रामबाण है।

Location :  New Delhi

Published :  16 June 2026, 2:15 PM IST