Road Safety Crisis in J&K: क्या हैं सड़क हादसों के असली कारण? 10 जवानों की शहादत के बाद बड़ा सवाल

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को हुए सड़क हादसे में 10 सैनिकों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें चौंकाने वाली पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 22 January 2026, 8:27 PM IST
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Jammu Kashmir: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को हुए सड़क हादसे में 10 सैनिकों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों से सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जून 2022 के बाद से अब तक प्रदेश में 20,135 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 3,688 लोगों की जान जा चुकी है।

तीन साल में 29 हजार से ज्यादा घायल

मिली एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों में 29,131 लोग गंभीर या मामूली रूप से घायल हुए हैं। इन दुर्घटनाओं से कुल 32,819 लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा सड़क हादसे जम्मू, कठुआ, उधमपुर और राजौरी जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किए गए हैं।

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तेज रफ्तार और लापरवाही बनी सबसे बड़ी वजह

आंकड़ों के मुताबिक लगभग 50 प्रतिशत सड़क हादसों के लिए तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना जिम्मेदार है। अधिकतर दुर्घटनाएं दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे के बीच हुई हैं। वर्ष 2025 में दर्ज की गई आधी दुर्घटनाओं की वजह भी ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी रही।

मुख्य सचिव ने की सड़क सुरक्षा की समीक्षा

गुरुवार को जम्मू में मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति और उन्हें रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने जीआईएस और डेटा आधारित सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाकर दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर दिया।

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ब्लैक स्पॉट की पहचान पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि जीआईएस आधारित तकनीक से उन सड़कों की पहचान की जा सकती है, जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं। इन स्थानों पर तकनीकी और भौतिक सुधार कर हादसों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने आदतन और गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और नियमों के उल्लंघन पर ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द करने के साथ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

करोड़ों का जुर्माना वसूला गया

परिवहन विभाग की सचिव अवनी लवासा ने बताया कि वर्ष 2024 में 40,197 चालान काटे गए, जिनसे 10.15 करोड़ रुपये वसूले गए। वहीं 2025 में अब तक 52,543 चालान काटे गए, जिनसे 15.88 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

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ई-चालान और वाहन जब्ती की कार्रवाई

आईजीपी ट्रैफिक एम. सुलेमान ने बताया कि 2023 में 12.36 लाख, 2024 में 15.03 लाख और 2025 में 14.92 लाख ई-चालान जारी किए गए। वर्ष 2025 में ही 15,947 वाहन जब्त किए गए हैं।

Location : 
  • Jammu Kashmir

Published : 
  • 22 January 2026, 8:27 PM IST

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