ट्रंप को बड़ा झटका: US Trade Court ने कहा- टैरिफ गैरकानूनी

अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने कहा कि 1974 के व्यापार कानून का गलत इस्तेमाल किया गया। साथ ही प्रभावित आयातकों को पांच दिनों में रिफंड देने का आदेश भी दिया गया।

Updated : 8 May 2026, 9:12 AM IST
google-preferred

New Delhi: ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी व्यापारिक नीतियों पर बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत (US Trade Court) ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए उसके खिलाफ फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि 1970 के दशक के व्यापार कानून का इस्तेमाल इस तरह के व्यापक टैक्स लगाने के लिए नहीं किया जा सकता।

24 राज्यों और कारोबारियों ने दी थी चुनौती

इस मामले में पिछले महीने अदालत ने 24 अमेरिकी राज्यों और कई छोटे व्यवसायों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की थी। इन राज्यों में अधिकांश का नेतृत्व डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के हाथ में है। याचिकाकर्ताओं ने 24 फरवरी से लागू इन टैरिफ को चुनौती देते हुए कहा था कि ट्रंप प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा है।

याचिका में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति ने IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत लगाए गए 2025 के टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद नए तरीके से वही टैक्स लागू करने की कोशिश की।

Iran Israel War: यहां जानें ईरान ने भारत के जहाजों को क्यों दी थी हरी झंडी? विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया सच

अदालत ने कहा- कानून का गलत इस्तेमाल

फरवरी में जारी आदेश में ट्रंप प्रशासन ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का हवाला दिया था। यह प्रावधान अमेरिका को भुगतान संतुलन घाटे या डॉलर की कीमत में भारी गिरावट की स्थिति में 150 दिनों तक सीमित शुल्क लगाने की अनुमति देता है।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने इस पुराने कानून का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। अदालत के अनुसार, मौजूदा आर्थिक हालात ऐसे नहीं हैं जिनके आधार पर इतने व्यापक स्तर पर टैरिफ लगाया जा सके।

5 दिनों में रिफंड का आदेश

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह फैसला फिलहाल केवल उन्हीं पक्षों पर लागू होगा जिन्होंने अदालत में चुनौती दी थी। जजों ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पांच दिनों के भीतर आदेश का पालन करे और प्रभावित आयातकों को वसूला गया पैसा वापस करे।

हालांकि, स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर लगाए गए टैरिफ इस फैसले के दायरे में नहीं आएंगे, क्योंकि वे अलग कानूनी प्रावधानों के तहत लागू किए गए हैं।

Iran Israel War: Amercian War Ship पर ईरान ने दागी मिसाइल, UAE को दी बड़ी चेतावनी

आर्थिक संकट को लेकर बहस तेज

ट्रंप प्रशासन ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि अमेरिका 1.2 ट्रिलियन डॉलर के वार्षिक व्यापार घाटे और जीडीपी के लगभग 4 प्रतिशत के बराबर चालू खाता घाटे का सामना कर रहा है। लेकिन कई अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों ने इसे "पेमेंट संकट" मानने से इनकार किया है।

Location :  New Delhi

Published :  8 May 2026, 9:12 AM IST

Advertisement