हिंदी
ईरानी सेना का कहना है कि अगर UAE की जमीन से विवादित द्वीप अबू मूसा और ग्रेटर तुनब पर कोई भी हमला हुआ, तो जवाबी कार्रवाई में रास अल खैमाह को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़काने वाला माना जा रहा है।
प्रतीकात्मक छवि
New Delhi: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान में “रिजीम टारगेट्स” पर तड़के हमले किए हैं। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त अरब अमीरात को सीधी चेतावनी जारी की है।
ईरानी सेना का कहना है कि अगर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की जमीन से विवादित द्वीप अबू मूसा और ग्रेटर तुनब पर कोई भी हमला हुआ, तो जवाबी कार्रवाई में रास अल खैमाह को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़काने वाला माना जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात पर पहले ही ईरान सैकडों ड्रौन अटैक कर चुका हैं।
Iran- US War: ट्रंप ने बदली रणनीति… ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में दी बड़ी राहत, पढ़ें पूरी खबर
वहीं, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल ही में डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे की दिशा में दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह अड्डा ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तेहरान की मिसाइल क्षमता अब पहले से कहीं अधिक लंबी दूरी तक पहुंचने में सक्षम हो गई है।
Iran-US War: अमेरिका पर ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा हमला, बोले- वही पुरानी वियतनाम स्क्रिप्ट…
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मिसाइल बीच रास्ते में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को एक अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्ट किया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उसे पूरी तरह नष्ट किया गया या नहीं।
इस घटनाक्रम ने मिडिल ईस्ट में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इजराइल ने हाल ही में तेहरान समेत कई इलाकों पर एयरस्ट्राइक की है।
इन हमलों में ईरान की सुरक्षा और सैन्य संरचना को निशाना बनाया जा रहा है।
जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जिनका निशाना इजराइल और अमेरिकी ठिकाने हैं।
स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष रीजनल वॉर से आगे बढ़कर वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।