US Iran Tension: होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने जब्त किए ईरानी तेल टैंकर

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकर जब्त करने पर नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरान ने इसे ‘समुद्री डकैती’ बताया, जबकि अमेरिका ने इसे कानूनी कार्रवाई करार दिया। तनाव फिर बढ़ने के संकेत।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 April 2026, 8:12 AM IST
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Tehran: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल ले जा रहे दो टैंकरों को जब्त कर लिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पहले से ही क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।

ईरान का आरोप: ‘समुद्री डकैती’ को दिया जा रहा वैध रूप

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे “बीच समुद्र में की गई लूट” बताया और कहा कि अमेरिका समुद्री डकैती को कानूनी रूप देने की कोशिश कर रहा है।

बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दुनिया अब “समुद्री लुटेरों की वापसी” देख रही है। उनका कहना है कि अमेरिकी अधिकारी कानूनी वारंट और सरकारी अधिकार का हवाला देकर इस कार्रवाई को सही ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।

अमेरिका का बचाव: ‘कानून के तहत की गई कार्रवाई’

वहीं अमेरिका ने इस पूरे मामले में अपनी कार्रवाई को पूरी तरह वैध बताया है। अमेरिकी अधिकारी जीनिन फेरिस पीरो के अनुसार, ‘Majestic X’ और ‘Tifani’ नामक जहाजों को बिना कारण नहीं रोका गया, बल्कि इसके लिए अदालत से विधिवत वारंट जारी किया गया था।

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उन्होंने बताया कि जब इन जहाजों को हिंद महासागर में रोका गया तब इनमें करीब 19 लाख बैरल ईरानी तेल लदा हुआ था। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध तेल नेटवर्क को रोकने और प्रतिबंधित संस्थाओं तक आर्थिक मदद पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से की गई।

ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति

अमेरिका ने साफ किया है कि वह ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आगे भी उठाता रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान की आर्थिक गतिविधियों को सीमित करना है।

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अमेरिका ने दुनिया भर की कंपनियों को चेतावनी भी दी है कि यदि वे ईरानी एयरलाइंस या संबंधित संस्थाओं की मदद करती हैं, तो उन पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

बढ़ सकता है क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, ऐसे में किसी भी प्रकार का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव किस दिशा में जाएगा इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

Location :  Tehran

Published :  28 April 2026, 8:11 AM IST

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