T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर विवाद फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के खेलने से इनकार के बावजूद टीम इंडिया कोलंबो पहुंचेगी। इससे बड़ा सवाल यह है कि ICC हर टूर्नामेंट में दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में क्यों रखती है। इसके पीछे व्युअरशिप, ब्रॉडकास्टिंग और कमाई से जुड़ी बड़ी वजहें हैं।

भारत बनाम पाकिस्तान (Image Source: Google)
New Delhi: T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है, इसके बावजूद भारतीय टीम 15 फरवरी को कोलंबो रवाना होगी, जहां मैच निर्धारित है। टीम वहां अभ्यास भी करेगी, हालांकि मुकाबला होगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला होना बाकी है। इस ताजा विवाद ने एक पुराने सवाल को फिर से जिंदा कर दिया है, आखिर ICC पिछले 12-13 साल से हर बड़े टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में क्यों रखती है?
भारत और पाकिस्तान पहली बार 1992 वनडे वर्ल्ड कप में आमने-सामने आए थे। इसके बाद 34 सालों में 9 वनडे वर्ल्ड कप, 9 टी-20 वर्ल्ड कप और 9 चैंपियंस ट्रॉफी सहित कुल 27 ICC टूर्नामेंट हुए, जिनमें 22 बार दोनों टीमें भिड़ीं। इन मुकाबलों में भारत ने 18 जीत दर्ज कीं, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ 4 बार सफलता मिली। 2012 के बाद से हर ICC इवेंट में भारत-पाक मैच हुआ है, क्योंकि द्विपक्षीय सीरीज बंद होने के बाद यही मुकाबला दोनों देशों के फैंस को देखने का एकमात्र मंच रह गया।
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भारत-पाकिस्तान मैच अब सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक ग्लोबल इवेंट बन चुका है। आंकड़े बताते हैं कि एक भारत-पाक मुकाबले को दुनियाभर में औसतन 27 से 28 करोड़ लोग देखते हैं। क्रिकेट इतिहास के टॉप-10 सबसे ज्यादा देखे गए मैचों में से 6 भारत-पाक के ही हैं। 2019 वर्ल्ड कप में जहां प्रति मैच औसत व्युअरशिप 1.47 करोड़ थी, वहीं भारत-पाक मुकाबला अकेले 27 करोड़ दर्शकों तक पहुंचा। 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल को तो 49.5 करोड़ लोगों ने देखा था। ICC चाहती है कि ऐसी हाई व्युअरशिप लीग स्टेज से ही मिले, ताकि टूर्नामेंट शुरुआत से रफ्तार पकड़ ले।
ICC ने 2024-27 के मीडिया राइट्स करीब 3 बिलियन डॉलर में बेचे हैं। ब्रॉडकास्टर्स नहीं चाहते कि भारत-पाक मैच सिर्फ नॉकआउट पर निर्भर रहे, जहां किसी एक टीम के जल्दी बाहर होने से पूरा बिजनेस मॉडल बिगड़ सकता है। ग्रुप स्टेज में यह मुकाबला तय होने से TRP और विज्ञापन दोनों सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा भारत-पाक मैच का सीधा फायदा होस्ट सिटी को भी मिलता है। 2015 वर्ल्ड कप में मेलबर्न में खेले गए मुकाबले के लिए करीब 30 हजार भारतीय-पाकिस्तानी फैंस पहुंचे थे, जिससे होटल, फ्लाइट, रेस्टोरेंट और लोकल कारोबार को बड़ा फायदा हुआ।
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भारत-पाक राइवलरी की ताकत उसका इमोशनल कनेक्शन है, यही इमोशंस इस मैच को मस्ट वॉच बनाते हैं। जैसे फुटबॉल में रियल-बार्सिलोना या ब्राजील-अर्जेंटीना, वैसे ही क्रिकेट में भारत-पाक मुकाबला एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है। इसी वजह से राजनीतिक तनाव और आपत्तियों के बावजूद ICC इस मुकाबले को ग्रुप स्टेज से बाहर रखने का जोखिम नहीं उठा सकती है।