सियांग बांध परियोजना से चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी पर क्यों उबला अरुणाचल प्रदेश का पासीघाट

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में 11,200 मेगावाट के सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के विरोध में उबला जनआक्रोश। चीन की चाल का मुकाबला करने के लिए बनाई जा रही इस योजना से 32 गांवों के डूबने का डर, युवाओं का प्रदर्शन और हिंसक झड़पों के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने की शांति की अपील।

Updated : 29 October 2026, 10:37 AM IST
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New Delhi: अरुणाचल प्रदेश का पासीघाट इन दिनों सुर्खियों में है। सियांग घाटी में प्रस्तावित मेगा बांध के विरोध में पंद्रह दिनों से राज्य के तीन जिलों में उबाल देखा जा रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पासीघाट शहर और पूरे पूर्वी सियांग जिले में केंद्रीय सशस्त्र बलों (CAPF) की भारी तैनाती की गई है।  पूरे घटनाक्रम के केंद्र में भारत सरकार की एक बड़ी जलविद्युत योजना और स्थानीय स्तर पर पनप रहा भारी रोष है।

चीन की चाल का मुकाबला करने की योजना

भारत सरकार तिब्बत से निकलकर अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाली सियांग नदी पर 11,200 मेगावाट का एक विशाल बांध और जलाशय बनाने की योजना पर काम कर रही है। नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (NHPC) द्वारा संभाले जाने वाले 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) का मुख्य उद्देश्य चीन की उस बड़ी परियोजना का मुकाबला करना है, जिसके तहत चीन नदी के ऊपरी हिस्से में 60,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना विकसित करने की तैयारी में है।

स्थानीय स्तर पर 'यारलुंग त्सांगपो' के नाम से जानी जाने वाली यह नदी आगे चलकर दो अन्य नदियों से मिलकर असम में ब्रह्मपुत्र बन जाती है। नई दिल्ली का अनुमान है कि चीन की इस परियोजना से करीब 40 अरब क्यूबिक मीटर पानी का रुख मोड़ा जा सकता है, जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इन्ही रणनीतिक कारणों के चलते केंद्र सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है।

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विस्थापन का डर और युवाओं का विरोध

दूसरी ओर इस परियोजना के कारण सियांग घाटी के लोगों का जीवन खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से 'जेन जेड' (Gen Z) पीढ़ी के युवा कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि इस मेगा बांध और जलाशय के बनने से अरुणाचल प्रदेश के 32 गांव पूरी तरह पानी में डूब जाएंगे, जिससे उनका घर-बार और आजीविका छिन जाएगी।

विरोध का यह स्वर धीरे-धीरे उग्र होता गया। गत 23 अक्टूबर को परियोजना को पूरी तरह रद्द करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण करते हुए NHPC के एक कार्यालय और पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान दो स्थानीय विधायकों और राज्य भाजपा प्रमुख के आवासों पर भी तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। हिंसा की इन घटनाओं के बाद पुलिस ने लगभग 10 मामले दर्ज कर 26 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।

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मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अपील और आगे की राह

बढ़ते तनाव और हिंसा के बीच 24 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को लेकर समाज में कुछ गलत जानकारियां और गलतफहमियां फैली हैं, जिनकी वजह से लोगों के मन में आशंकाएं घर कर गई हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तथ्यों की पारदर्शिता और खुली बातचीत के माध्यम से ही इस संवादहीनता को दूर किया जा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  29 October 2026, 10:37 AM IST

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