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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल मीटिंग में किया खुलासा (Img: AI Generated Image)
Dhaka: करीब दो साल बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने बुधवार को वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया। करीब 25 मिनट तक चले इस संबोधन में उन्होंने कई बड़े दावे किए, लेकिन पूरे भाषण के दौरान कैमरा बंद रखा। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल भेज दिया जाए या उनकी हत्या कर दी जाए, फिर भी वह बांग्लादेश लौटेंगी।
अपने संबोधन में हसीना ने कहा, "मुझे पता है कि मुझे मारने की कोशिश हो सकती है, झूठे मुकदमे चल सकते हैं और सजा भी दी जा सकती है, लेकिन मैं अपने देश जरूर लौटूंगी। मुझे अपने लोगों के बीच जाना है।" उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने अपने देश छोड़ने की परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 में जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके पास वहां से निकलने के लिए सिर्फ 30 से 40 मिनट का समय था।उन्होंने कहा कि उनकी योजना देश छोड़ने की नहीं थी। वह अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन हालात इतने तेजी से बदले कि उन्हें बांग्लादेश से बाहर जाना पड़ा। हसीना के मुताबिक, उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि वह लंबे समय तक अपने देश से दूर रहेंगी।
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इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की सबसे ज्यादा चर्चा कैमरा बंद रहने को लेकर हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेख हसीना फिलहाल एक सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर रह रही हैं। कैमरा ऑन करने से उनकी लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था या आसपास की जानकारी सामने आने का खतरा था।
इसके अलावा बांग्लादेश पहले ही भारत से शेख हसीना की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर आपत्ति जता चुका है। ऐसे में अगर वह वीडियो के जरिए राजनीतिक संदेश देतीं तो इसे लेकर नया कूटनीतिक विवाद खड़ा हो सकता था। इसी वजह से उन्होंने केवल ऑडियो के जरिए अपनी बात रखी।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल बातचीत में कहा कि उन्हें हालात के चलते देश छोड़ना पड़ा, लेकिन उनका दिल हमेशा बांग्लादेश के लोगों के साथ रहा। उन्होंने खुद को ऐसा नेता बताया, जो अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुआ।#SheikhHasina #Bangladesh #BangladeshPolitics… pic.twitter.com/cGG9GxqkJU
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) August 5, 2026
अपने संबोधन में शेख हसीना ने भारत का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश का मित्र रहा है और हर मुश्किल दौर में उसने साथ दिया है। उन्होंने कहा, "1971 हो, 1975 हो या आज का समय, भारत हमेशा हमारे साथ खड़ा रहा। सरकारें बदल सकती हैं, रिश्तों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन भारत एक अच्छा दोस्त रहा है।" हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि वह आखिरकार अपने देश के लोगों के बीच ही लौटना चाहती हैं।
शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने जुलाई 2024 के आंदोलन को लेकर भी कई गंभीर दावे किए। उन्होंने कहा कि उस दौरान 450 से ज्यादा पुलिस थानों में आग लगा दी गई थी। कई सरकारी इमारतों पर हमले हुए और कई पुलिसकर्मियों की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों को जिंदा जला दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानून-व्यवस्था बिगड़ रही थी, तब सुरक्षा बलों का कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी थी। लेकिन बाद में उसी कार्रवाई को उनके खिलाफ इस्तेमाल किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा सकती है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी शामिल हुए। उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2024 के बाद हजारों लोगों को जेल भेजा गया और कई लोगों को बिना मुकदमे के हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और राजनीतिक हिंसा के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। जॉय ने कहा कि देश में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ माहौल लगातार खराब होता जा रहा है।
Location : Dhaka
Published : 5 August 2026, 8:15 PM IST