SCO Summit में PM मोदी का आतंकवाद पर वार, शहबाज-शी जिनपिंग के सामने दिया कड़ा संदेश; पाकिस्तान को घेरा!

बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने आतंकवाद को रणनीतिक हथियार बनाने वाले देशों को निशाने पर लिया। पीएम ने आतंक की फंडिंग, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की जरूरत बताई। पहलगाम आतंकी हमले का संयुक्त घोषणापत्र में जिक्र भी भारत के लिए अहम माना जा रहा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 September 2026, 1:51 PM IST

Bishkek: शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के मंच पर एक बार फिर आतंकवाद का मुद्दा सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी के बीच पीएम मोदी ने बिना नाम लिए उन देशों को सीधा संदेश दिया, जो आतंकवाद को अपनी रणनीति का हिस्सा बनाते हैं या आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराते हैं।

आतंकवाद पर Double Standards नहीं चलेंगे

SCO सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या को केवल किसी एक देश की समस्या मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। पीएम मोदी ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जरूरत बताई। इसमें आतंकियों की फंडिंग, नई भर्तियां, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

'आतंकवाद रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता'

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की सोच पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि आतंकवाद को किसी राजनीतिक या रणनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। SCO जैसे मंच पर पीएम मोदी का यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यहां चीन और पाकिस्तान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे।

आतंक की फंडिंग से लेकर कट्टरपंथ तक पर फोकस

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की जरूरत बताई। सिर्फ आतंकियों को पकड़ना या उनके ठिकानों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आतंकवाद को आर्थिक और वैचारिक रूप से मजबूत करने वाले नेटवर्क पर भी शिकंजा कसना जरूरी है। आतंकवाद की फंडिंग, युवाओं की कट्टरपंथी भर्ती, आतंकी नेटवर्क और सुरक्षित ठिकाने जैसे मुद्दे भारत की सुरक्षा नीति में लंबे समय से प्रमुख रहे हैं।

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पहलगाम आतंकी हमले का घोषणापत्र में जिक्र

इस समिट में भारत के लिए एक अहम कूटनीतिक उपलब्धि संयुक्त घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले का विशेष रूप से जिक्र होना भी माना जा रहा है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। ऐसे में SCO के संयुक्त दस्तावेज में इस हमले का उल्लेख भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की कोशिश रही है कि सीमा पार आतंकवाद और आतंकी नेटवर्क को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने स्पष्ट संदेश जाए।

यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट पर भी बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संकट को लेकर कहा कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान में नहीं हो सकता। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों को सुलझाने की वकालत करता रहा है। SCO के मंच से भी पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

चीन की कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी परोक्ष संदेश

SCO सम्मेलन में कनेक्टिविटी और व्यापारिक मार्गों का मुद्दा भी चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत के इस रुख को चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव यानी BRI पर परोक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।

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शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग की मौजूदगी में सख्त रुख

SCO सम्मेलन की सबसे खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी का आतंकवाद पर सख्त संदेश पाकिस्तान और चीन के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में आया। हालांकि पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों, आतंकियों को पनाह देने और उसे रणनीतिक संपत्ति की तरह इस्तेमाल करने वाली सोच पर उनका बयान स्पष्ट रूप से चर्चा में रहा। भारत लगातार पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को लेकर आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर दिया जोर

भारत का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। अगर किसी एक जगह के आतंकवाद को सही और दूसरी जगह के आतंकवाद को गलत माना जाएगा तो इससे वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी। पीएम मोदी ने इसी दोहरे रवैये के खिलाफ आवाज उठाई और सदस्य देशों से एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की।

SCO मंच से भारत का स्पष्ट संदेश

बिश्केक में हुए SCO सम्मेलन में भारत ने आतंकवाद को लेकर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को किसी भी देश की रणनीतिक नीति का हिस्सा बनाए जाने का विरोध किया और इसके पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की जरूरत बताई। वहीं पहलगाम आतंकी हमले का संयुक्त घोषणापत्र में जिक्र भारत के लिए एक अहम कूटनीतिक पहलू बनकर सामने आया है।

Location :  Bishkek

Published :  1 September 2026, 1:51 PM IST