Pahalgam Attack: आतंकियों के फोन ने खोली साजिश की परतें, कराची और लाहौर से जुड़े मिले तार

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकियों के पास से मिले दो मोबाइल फोन पाकिस्तान में खरीदे गए थे और कई साल तक बंद रहने के बाद हमले के दौरान सक्रिय किए गए। जांच एजेंसियां अब साजिश के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 June 2026, 1:52 PM IST

New Delhi: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक अहम सुराग मिला है। जांच के दौरान आतंकियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन का कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा पाया गया है। इस खुलासे ने एक बार फिर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सबूत हमले की साजिश और उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

पाकिस्तान में खरीदे गए थे दोनों मोबाइल

रिपोर्ट के अनुसार आतंकियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन में एक रेडमी 9टी और दूसरा रेडमी नोट 12 मॉडल का था। जांच में पता चला कि इनमें से एक फोन वर्ष 2021 में पाकिस्तान के कराची स्थित एक कंपनी द्वारा आयात किया गया था, जबकि दूसरा फोन 2023 में लाहौर की एक कम्युनिकेशन कंपनी के जरिए खरीदा गया था। हैरानी की बात यह है कि दोनों मोबाइल कई वर्षों तक निष्क्रिय रहे और इन्हें पहलगाम हमले के दौरान ही सक्रिय किया गया।

मुठभेड़ में बरामद हुए थे फोन

जांच एजेंसियों को ये मोबाइल फोन उन आतंकियों के पास से मिले थे, जिन्हें जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। मारे गए आतंकियों की पहचान फैसल उर्फ सलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई थी। मुठभेड़ के बाद बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।

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पहलगाम हमले में गई थीं 26 लोगों की जान

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए 26 लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने का प्रयास किया था। हमले की क्रूरता ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था।

आतंकियों ने धर्म पूछकर बनाया निशाना

जांच के अनुसार हमलावरों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर और धार्मिक पहचान की पुष्टि करने के बाद गैर-मुस्लिम पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस घटना को आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जोड़ा गया, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है।

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ऑपरेशन सिंदूर से मिला जवाब

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब मोबाइल फोन के पाकिस्तान कनेक्शन के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को हमले की साजिश से जुड़े और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

Location :  New Delhi

Published :  1 June 2026, 1:52 PM IST