लॉरेंस गैंग के खिलाफ FBI ने क्यों चुना ‘हार्ड बॉल’ का रास्ता? जानिए इस इंटरनेशनल रेड की पूरी इनसाइड स्टोरी

ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप ने लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ समेत तीन बड़े अपराधी गिरोहों पर बड़ी कार्रवाई की। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों हुई 24 लोगों की गिरफ्तारी।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 8 July 2026, 10:23 AM IST
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New Delhi: अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' नाम के इस अभियान में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और उनके नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को निशाना बनाया गया। इस अभियान के तहत 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 37 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। कई आरोपी अभी भी फरार हैं।

अमेरिका की संघीय ग्रैंड जूरी ने लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ नौ गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि लॉरेंस भारत की जेल में बंद होने के बावजूद अपने गैंग का संचालन कर रहा था। उस पर हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स तस्करी और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक साजिश रचने के आरोप हैं। आरोपपत्र में गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा को भी उसके प्रमुख सहयोगी बताया गया है।

क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल?

ऑपरेशन हार्ड बॉल अमेरिका की एफबीआई (FBI), कनाडा की आरसीएमपी (RCMP), लॉस एंजिल्स पुलिस और यूरोप की कई सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त अभियान है। इस दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई में करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन, 1 किलोग्राम हेरोइन, 40 हजार डॉलर नकद और कई हथियार बरामद किए गए।

किन गैंग पर हुई कार्रवाई?

इस अभियान में सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गैंग ही नहीं, बल्कि जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा गिरोह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक ये गिरोह हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और ड्रग्स तस्करी जैसे अपराधों में शामिल थे।

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निज्जर हत्याकांड का भी जिक्र

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि 2023 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश भी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के नेटवर्क ने रची थी। हालांकि इस अमेरिकी आरोपपत्र में भारत सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

भारतीय समुदाय को बना रहे थे निशाना

अधिकारियों के अनुसार ये गिरोह विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से रंगदारी वसूलते थे, उन्हें धमकाते थे और ड्रग्स तस्करी जैसे अपराधों में शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दोषी साबित होने पर कई आरोपियों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

भारत लंबे समय से इन अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता रहा है। ऐसे में ऑपरेशन हार्ड बॉल को इस दिशा में अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  8 July 2026, 10:23 AM IST

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