रूस में संसदीय चुनावों के बीच मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, यूक्रेन ने दागे 1000 से अधिक ड्रोन

रूस में चल रहे संसदीय चुनावों के बीच यूक्रेनी सेना ने राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा और भीषण ड्रोन हमला किया है। रात भर में 1000 से अधिक ड्रोन दागे गए, जिनमें से मॉस्को की ओर बढ़ रहे 450 ड्रोन को नष्ट कर दिया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 September 2026, 3:17 PM IST

Moscow: रूसी राजधानी मॉस्को पर यूक्रेनी सेना ने अब तक का सबसे बड़ा और भीषण ड्रोन हमला किया है। रूस में चल रहे संसदीय चुनावों के बीच रात भर में 1000 से अधिक ड्रोन दागे गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, केवल राजधानी की तरफ बढ़ रहे 450 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इनमें से कुछ ड्रोन मॉस्को की एक तेल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत से जा टकराए, जिससे अफरा-तफरा मच गई।

रूस का दावा: 1100 ड्रोन किए गए ढेर

रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके सतर्क रक्षा बलों ने पूरे देश के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के जलक्षेत्र में यूक्रेन द्वारा दागे गए कुल 1,100 से अधिक ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस में युद्ध के माहौल के बीच महत्वपूर्ण संसदीय चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं।

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संसदीय चुनावों और कब्जे वाले क्षेत्रों पर विवाद

रूस में यह चुनाव शुक्रवार से शुरू होकर रविवार तक चल रहे हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के खिलाफ विपक्ष की स्थिति लगभग नगण्य होने के कारण इस चुनाव से क्रेमलिन का राजनीतिक प्रभुत्व और मजबूत होने की संभावना है। खास बात यह है कि इस चुनाव में पहली बार उन यूक्रेनी क्षेत्रों (जैसे दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया) के करीब 35 लाख मतदाताओं को भी शामिल किया गया है, जिन पर रूस ने पूर्ण हमला करने के बाद कब्जा कर लिया था।

मॉस्को इन्हें "नए क्षेत्र" बताता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस के इस कदम को मान्यता नहीं दी गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इन क्षेत्रों के नागरिकों को मतदान में भाग लेने के लिए जबरन मजबूर किया जा रहा है, जहां भारी हथियारों से लैस रूसी सैनिक मतदान केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा, 2014 से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में भी मतदान जारी है।

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यूक्रेन और यूरोपीय संघ की कड़ी निंदा

कीव के अधिकारियों ने रूस के कब्जे वाले इन इलाकों में कराए जा रहे चुनावों को पूरी तरह अवैध करार दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विदेशी सरकारों से अपील की है कि वे इन चुनावों को बिल्कुल मान्यता न दें। साथ ही, यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि मतदान में हिस्सा लेने वाले नागरिकों पर कड़ी आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।

दूसरी ओर, यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता क्रिश्चियन विगांद ने इस पूरी प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ इन दिखावटी चुनावों और उनके परिणामों को कभी भी मान्यता नहीं देगा।

Location :  Moscow

Published :  20 September 2026, 3:17 PM IST