
रात से ही बैरिकेडिंग में भक्ति का डेरा (Img- X)
Varanasi: सावन माह का अंतिम सोमवार काशी में भक्ति, आस्था और अभूतपूर्व अनुशासन का संगम बन गया है। रविवार देर रात से ही गंगा स्नान कर भक्त बैरिकेडिंग में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए कतारों में लग गए।
सभी की केवल एक ही अभिलाषा है सुबह मंगला आरती के साथ ही महादेव का जलाभिषेक करने का सौभाग्य मिल जाए। शहर की हर गली 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गुंजायमान है।
अंतिम सोमवारी पर काशी में लगभग 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के जुटने की संभावना है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी गौरव बंसवाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैदागिन से गोदौलिया तक पैदल गश्त कर हर व्यवस्था को बारिकी से परखा।
जब सावन में उठी कजरी की तान… पूर्वांचल के मशहूर लोकगीतों ने इंटरनेट पर मोहा सबका दिल
पुलिस प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के साथ-साथ आतिथ्य का अनोखा खाका तैयार किया है। ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे दर्शनार्थियों के साथ श्रद्धालुओं जैसा नहीं, बल्कि 'घर आए मेहमानों' जैसा आदरपूर्ण व्यवहार करें।
इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल और तकनीक-संचालित बनाया गया है। पूरे क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों की कड़ी नजर है, जबकि सुरक्षा चक्र को अभेद्य बनाने के लिए एटीएस (ATS), क्यूआरटी (QRT) और एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है।
प्रयागराज संगम से पवित्र जल लेकर आ रहे कांवड़ियों के लिए विशेष सहूलियतें जुटाई गई हैं। यात्रा मार्ग पर हर दो किलोमीटर पर अस्थायी पुलिस चौकी, विश्राम स्थल और 24 घंटे काम करने वाली मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है, ताकि थके-मानदे शिवभक्तों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
Location : Varanasi
Published : 24 August 2026, 8:33 AM IST