अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भी डटा ईरान, जानें कैसे अली जाफरी मोजेक डिफेंस सिस्टम बना अचूक

अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरान न केवल इस लड़ाई में टिका हुआ है बल्कि उसने पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ा दी है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 13 March 2026, 2:59 PM IST
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New Delhi: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरान न केवल इस लड़ाई में टिका हुआ है बल्कि उसने पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ा दी है।

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ यह संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था। इस ऑपरेशन के दौरान हुए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और आईआरजी कई शीर्ष जनरल मारे जाने की खबर सामने आई थी। हालांकि इन बड़े नुकसान के बावजूद ईरान ने सैन्य और रणनीतिक स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी रखी है, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा दिया है।

जाफरी की रणनीति बनी ईरान की ताकत

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस मजबूत प्रतिरोध के पीछे पूर्व आईआरजीसी कमांडर अली जाफरी की सैन्य रणनीति अहम भूमिका निभा रही है।

बताया जाता है कि जाफरी ने 2003 में इराक पर अमेरिकी हमले का गहराई से अध्ययन किया था। उन्होंने पाया कि उस समय इराकी सेना की सबसे बड़ी कमजोरी अत्यधिक केंद्रीकृत कमान ढांचा था, जहां बिना आदेश के स्थानीय कमांडर कोई फैसला नहीं ले सकते थे।

2003 में अमेरिका द्वारा किए गए 2003 के दौरान इराकी सेना के इसी केंद्रीकृत ढांचे के कारण युद्ध के मैदान में तेजी से निर्णय नहीं हो पाए और अंततः इराक को हार का सामना करना पड़ा। उस समय इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के आदेश के बिना सैन्य कमांडर कार्रवाई नहीं कर सकते थे।

क्या है 'मोजेक डिफेंस' रणनीति?

मोजेक का मतलब छोटे-छोटे टुकड़ों से बना चित्र होता है। इसी विचार पर ईरान ने अपनी सैन्य व्यवस्था तैयार की है। इस रणनीति में सेना की कमान और क्षमताओं को एक केंद्रीय कमांड में रखने के बजाय सात अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है।

विकेंद्रीकृत युद्ध मॉडल

विश्लेषकों के अनुसार ईरान ने इसी अनुभव से सीख लेते हुए अपनी सैन्य संरचना को ज्यादा विकेंद्रीकृत बनाया है, जिससे स्थानीय कमांडरों को परिस्थिति के अनुसार तुरंत निर्णय लेने की छूट मिलती है। यही रणनीति मौजूदा संघर्ष में ईरान के लिए प्रभावी साबित हो रही है।

मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और दुनिया भर की नजरें इस टकराव के अगले चरण पर टिकी हुई हैं।

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  • New Delhi

Published : 
  • 13 March 2026, 2:59 PM IST

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