ईरान के समर्थन में जंग लड़ेंगे हूती विद्रोही! अमेरिका और इजरायल से क्या है इनकी दुश्मनी ?

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में अब हूती विद्रोहियों की इंट्री भी हो गई है। हूती विद्रोहियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जंग में उतरने की धमकी दी है। वे अमेरिका और इजराइल को अपना दुश्मन मानते हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 2 March 2026, 5:40 PM IST
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Tehran: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अब हूती विद्रोही भी कूदेंगे। हूती विद्रोहियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जंग में उतरने की धमकी दी है। ये हूती विद्रोही अमेरिका और इजरायल को अपना पुराना दुश्मन मानते हैं। यही वजह है कि वे ईरान के पक्ष में लड़ना चाहते हैं।

हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया 'ज़ैदी' समुदाय का एक हथियारबंद समूह है। ये विद्रोही अमेरिका और इजरायल के साथ टकराव की स्थिति में रहे हैं। पिछले वर्ष हूती विद्रोहियों ने इजरायल के महाशक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए उसके सबसे बड़े हवाई अड्डे को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था। यमन से उनकी तरफ से दागी गई मिसाइल को रोकने में इजरायल का एरो और अमेरिकी थाड सिस्टम, दोनों नाकाम हो गए थे। अमेरिका को भी वे अपनी ताकत का अहसास कराते रहे हैं।

हूतियों ने अक्टूबर, 2023 में इजरायल के गाजा में हमले के बाद भी फिलिस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर में इजरायल और अमेरिका के जहाजों को निशाना बनाया था। समझा जा रहा है कि यदि वे ईरान के पक्ष में उतरे, तो एक बार फिर लाल सागर में इजरायल और अमेरिकी जहाजों पर हमले शुरू कर देंगे।

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कौन हैं हूती विद्रोही?

हूती समुदाय ने 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इस समूह का गठन किया था। उनका नाम उनके अभियान के संस्थापक हुसैन अल हूती के नाम पर पड़ा है। वे खुद को 'अंसार अल्लाह' यानी ईश्वर के साथी भी कहते हैं। साल 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक पर हुए हमले में हूती विद्रोहियों ने नारा दिया था, ''ईश्वर महान है। अमेरिका का खात्मा हो, इसराइल का खात्मा हो। यहूदियों का विनाश हो और इस्लाम की विजय हो। ''

उन्होंने खुद को हमास और हिज़्बुल्लाह के साथ मिलकर इसराइल, अमेरिका और पश्चिमी देशों के खिलाफ ईरान के नेतृत्व वाली 'प्रतिरोध की धुरी' का हिस्सा बताया था। हूती विद्रोही लेबनान के सशस्त्र शिया समूह हिज़्बुल्लाह के मॉडल से प्रेरणा लेते हैं।

हूती खुद को ईरान का सहयोगी भी बताते हैं क्योंकि उनका साझा दुश्मन सऊदी अरब है। अमेरिका और सऊदी अरब का मानना रहा है कि ईरान ने हूती विद्रोहियों को बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस किया था, जिनका इस्तेमाल 2017 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमले के लिए किया गया था।

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सऊदी अरब ने ईरान पर हूती विद्रोहियों को क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन देने का भी आरोप लगाया था, जिन्हें 2019 में सऊदी अरब के तेल कारखानों पर हमले के लिए इस्तेमाल किया गया था।

Location : 
  • Tehran

Published : 
  • 2 March 2026, 5:40 PM IST

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