अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता आज, ट्रंप बोले- होर्मुज हर हाल में खोलेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ऐलान किया है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान में उच्चस्तरीय बैठक शुरू हो गई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 11 April 2026, 9:49 AM IST
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New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आज पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख और हथियारों से लैस जहाजों की चेतावनी, तो दूसरी ओर ईरान का अडिग रुख। ऐसे में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। ट्रंप ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खोला जाएगा, चाहे समझौता हो या नहीं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या टकराव और गहराएगा।

सैन्य जीत का दावा

जॉइंट बेस एंड्रयूज पर मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी सेना को सैन्य रूप से पराजित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका जलडमरूमध्य में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेगा। ट्रंप ने कहा, “ईरान हार चुका है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुला रहे, चाहे कोई समझौता हो या नहीं।”

पाकिस्तान में शांति वार्ता की शुरुआत

इस बीच, जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उनके साथ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है। यह वार्ता पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने और स्थिरता बहाल करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

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ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा

ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेममती शामिल हैं।

वार्ता को लेकर अमेरिका की चेतावनी

जेडी वेंस ने वार्ता को लेकर आशावाद जताया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की “बेईमानी” की स्थिति में वॉशिंगटन सख्त रुख अपनाएगा।

ईरान की पूर्व-शर्तें

ईरान ने वार्ता से पहले कुछ शर्तें रखी हैं। गालिबाफ के अनुसार, लेबनान में युद्धविराम और ईरानी संपत्तियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाना बातचीत शुरू करने की प्रमुख शर्तों में शामिल है। तेहरान का कहना है कि यदि इन शर्तों को पूरा नहीं किया गया, तो वार्ता विफल हो सकती है।

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वैश्विक नजरें वार्ता पर

अमेरिका और ईरान के बीच यह वार्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देशों के बीच कोई ठोस समझौता हो पाता है या नहीं।

Location :  New Delhi

Published :  11 April 2026, 9:49 AM IST

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