
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: वैश्विक तेल बाजार में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब शांति की उम्मीदें बढ़ने लगी हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर दिख रहा है।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में गिरकर 98.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 1.35% की कमी दर्शाता है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.74% टूटकर 93.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह गिरावट पिछले सत्र में हुई बढ़त को लगभग खत्म कर देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में संभावित शांति है। लेबनान और इजराइल के बीच 10 दिन के सीजफायर की घोषणा से संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना ने भी बाजार को राहत दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर बातचीत हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अगले 20 वर्षों तक परमाणु हथियार न रखने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट, जो वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा संभालता है, पिछले सात हफ्तों से बाधित रहा है। इससे हर दिन करीब 13 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। लेकिन अब अगर बातचीत सफल होती है, तो सप्लाई फिर से सामान्य हो सकती है।
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मार्च महीने में तेल की कीमतों में लगभग 50% की तेज बढ़त देखने को मिली थी, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, हाल के दिनों में कीमतें 100 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई हैं और इस हफ्ते 90 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति स्थापित होती है और सप्लाई बहाल होती है, तो आने वाले समय में तेल की कीमतों में और गिरावट संभव है। हालांकि, बातचीत की अनिश्चितता अभी भी बाजार को सतर्क बनाए हुए है।
Location : New Delhi
Published : 17 April 2026, 8:50 AM IST