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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुवार रात कई धमाके सुनाई दिए। तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के भारत दौरे के समय हुई इन घटनाओं में कोई नुकसान नहीं हुआ। धमाकों की वजह और जिम्मेदार अभी स्पष्ट नहीं, लेकिन सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
काबुल में हुआ ब्लास्ट
Kabul: काबुल में गुरुवार रात अचानक कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके शहर के विभिन्न हिस्सों में महसूस किए गए। तालिबान सरकार ने दावा किया कि धमाकों में कोई भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, धमाकों की समयबद्धता और उनके संभावित उद्देश्य को लेकर चर्चा हो रही है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है। इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन घटनाओं का समय भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी इसी दौरान भारत दौरे पर हैं।
धमाके मुख्य रूप से अब्दुल हक स्क्वायर में हुए, जो अफगानिस्तान सरकार के कई मंत्रालय और इंटेलिजेंस एजेंसियों का केंद्र है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अन्य क्षेत्रों में भी धमाकों की गूंज सुनाई दी, लेकिन सौभाग्य से कोई हानि नहीं हुई।
काबुल में धमाकों की घटना
मुत्ताकी का भारत दौरा सात दिन का है। इस दौरान उनकी मुलाकात विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होने की संभावना है। बैठक में अफगानिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज रखने को लेकर भी चर्चा चल रही है। मुत्ताकी के दौरे का उद्देश्य भारत-अफगानिस्तान संबंधों को मजबूत करना, आतंकवाद, वीजा नीति और मानवीय सहायता पर बातचीत करना है।
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मुत्ताकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मिल सकते हैं। बैठक में आतंकवाद, अफगान छात्रों के वीजा, भारत में अफगान राजनयिक उपस्थिति और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा मुत्ताकी ताजमहल की यात्रा भी करेंगे, जो सांस्कृतिक और राजनयिक संकेत दोनों देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, काबुल में हुए धमाकों की समयबद्धता महत्वपूर्ण है। यह सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठाती है। तालिबान ने धमाकों में किसी भी प्रकार के नुकसान से इनकार किया है, लेकिन यह घटनाएं क्षेत्रीय तनाव और भारत-अफगानिस्तान संबंधों की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं।
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स्थानीय लोगों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं ने काबुल में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। भविष्य में अफगानिस्तान और भारत के बीच आतंकवाद और सुरक्षा सहयोग पर और मजबूत कदम उठाए जा सकते हैं।
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