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हरियाणा में बिजली दरों में आंशिक संशोधन किया गया है, अब 300 यूनिट तक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। पढे़ं डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी खबर
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Chandigarh: हरियाणा सरकार ने हाल ही में नई बिजली दरों को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है, जिसने उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। लोग बिजली दरों में अचानक बढ़ोतरी को लेकर चिंतित नजर आ रहे थे, लेकिन बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि 300 यूनिट प्रतिमाह तक की खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह जानकारी अंबाला छावनी के बिजली विभाग कार्यालय में एसडीओ एके गुप्ता ने साझा की।
उन्होंने बताया कि सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा जिनकी मासिक खपत 300 यूनिट से अधिक है और मीटर का लोड 5 किलोवाट या उससे ज्यादा है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब 50 रुपये प्रति किलोवाट अतिरिक्त फिक्स चार्ज देना होगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं का लोड 5 किलोवाट से अधिक है, उनका फिक्स चार्ज अब 210 रुपये प्रति किलोवाट कर दिया गया है।
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
इसके अतिरिक्त जिन उपभोक्ताओं की खपत दो महीनों में 600 यूनिट से ज्यादा होती है, उनके डीएसए कनेक्शन पर 10% की बढ़ोतरी की गई है। औद्योगिक क्षेत्र पर भी इस संशोधन का प्रभाव पड़ा है। एसटी (HT) श्रेणी में जहां पहले चार्ज 165 रुपये प्रति किलोवाट था, उसे अब बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया गया है। एलटी (LT) श्रेणी में यह दर 210 रुपये प्रति किलोवाट कर दी गई है, जो लगभग 15% की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
बिजली विभाग के अनुसार, पिछले 8 वर्षों से बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस बीच उत्पादन लागत, ट्रांसमिशन खर्च और बिजली की खरीद लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं द्वारा प्रति माह बिजली की खपत में भी लगातार इजाफा देखा गया है, जिससे वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी कारण सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए केवल कुछ श्रेणियों में दरों को संशोधित किया है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी से बचने और बिल को कम रखने के लिए उपभोक्ता कुछ सरल आदतें अपना सकते हैं-
सरकार द्वारा की गई यह दर वृद्धि संतुलित तरीके से की गई है ताकि आम उपभोक्ता, विशेषकर कम खपत वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ न बढ़े। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें और ऊर्जा बचत उपायों को अपनाकर अपने मासिक खर्च में कटौती करें।
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