गोरखपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत, एक महीने बाद वाहन चालक पर FIR; पुलिस कर रही जांच

गोरखपुर के गोला-उरुवा मार्ग पर 21 अगस्त को हुए सड़क हादसे में रघुवाडीह बुजुर्ग निवासी ओमकार यादव की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर करीब एक महीने बाद गोला पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 और 106 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस वाहन नंबर के आधार पर चालक की पहचान और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 28 September 2026, 7:49 PM IST

Gorakhpur: एक परिवार के लिए सड़क हादसे में पति को खोने का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि करीब एक महीने बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। बांसगांव थाना क्षेत्र के रघुवाडीह बुजुर्ग गांव निवासी ओमकार यादव की सड़क हादसे में मौत के मामले में गोला पुलिस ने अब वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतक की पत्नी वंदना देवी की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 281 और 106 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब वाहन संख्या के आधार पर चालक की पहचान करने के साथ हादसे की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

दाह संस्कार से लौटते समय हुआ हादसा

वंदना देवी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, 21 अगस्त को उनके पति ओमकार यादव गांव में ही एक व्यक्ति के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए बाइक से गए थे। दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह रात करीब आठ बजे बाइक से अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि वह गोला-उरुवा मार्ग से होकर वापस आ रहे थे। इसी दौरान नक्षत्र विद्यालय के पास पीछे से तेज गति से आ रहे एक वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। तहरीर में वाहन संख्या यूपी 53 एलटी 1548 बताई गई है।

गंभीर हालत में अस्पताल ले गए लोग

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल ओमकार यादव को संभाला। सूचना मिलने पर सरकारी एंबुलेंस की मदद से उन्हें गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हादसे में उनकी हालत गंभीर बताई गई। गोला सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल गोरखपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए।

गोरखपुर फर्जी पुलिसकर्मी और अधिवक्ता बनकर वीडियो वायरल करने वाले दो गिरफ्तार, शाहपुर पुलिस की जांच में खुलासा

पुलिस ने कराया था पोस्टमार्टम

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी। शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। उस समय परिवार के सामने अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म की जिम्मेदारियां थीं। इसी बीच मृतक की पत्नी वंदना देवी की तबीयत भी खराब हो गई। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों के कारण वह तत्काल थाने पहुंचकर मामले में तहरीर नहीं दे सकीं।

तबीयत में सुधार के बाद थाने पहुंचीं पत्नी

वंदना देवी के अनुसार, स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्होंने गोला थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने तहरीर देकर उस वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसने कथित तौर पर उनके पति की बाइक में पीछे से टक्कर मारी थी। तहरीर में उन्होंने वाहन का नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। इसी के आधार पर पुलिस अब वाहन और उसके चालक के बारे में जानकारी जुटा रही है।

मेट्रो का सपना और सड़कों पर नाव! गोरखपुर के जलभराव को लेकर अखिलेश यादव ने CM योगी पर साधा निशाना

वाहन नंबर के आधार पर चालक की तलाश

पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मुकदमा बीएनएस की धारा 281 और 106 के तहत दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए वाहन संख्या को आधार बनाकर चालक की पहचान की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के समय वाहन किस दिशा से आ रहा था, बाइक और वाहन की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और हादसे के बाद वाहन चालक मौके पर रुका था या वहां से चला गया।

करीब एक महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में खास बात यह है कि सड़क हादसा 21 अगस्त को हुआ था, जबकि पुलिस में मुकदमा करीब एक महीने बाद दर्ज हुआ। हालांकि, मृतक की पत्नी ने तहरीर में शिकायत में देरी की वजह अपने पति के दाह संस्कार और क्रियाकर्म में व्यस्त होना और बाद में खुद की तबीयत खराब होना बताया है। अब पुलिस के सामने हादसे से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने की चुनौती है।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 September 2026, 7:49 PM IST